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सीएचसी पर इमरजेंसी सेवा लाइव

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सीएचसी की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा राम भरोसे
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महराजगंज। जनपद में ज्यादातर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा राम भरोसे है। दर्द से कराहते हुए आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधा नहीं मिलने से उनकी तकलीफ ज्यादा बढ़ जाती है। बृहस्पतिवार को सीएचसी पर इमरजेंसी में मिलने वाली सुविधा की पड़ताल में खामियां उभरकर सामने आईं। मंसूरगंज सीएचसी पर इमरजेंसी सुविधा ही नहीं है। निचलौल में बेड पर चादर नहीं थी। जबकि सिसवां में मरीज को त्वरित इलाज की सुविधा मिली।
सीएचसी निचलौल, समय 10:20 बजे
इमरजेंसी वार्ड में कोतवाली ठूठीबारी क्षेत्र के नौडीहवा गांव के पड़ियाताल निवासी शबाना खातून (14) भर्ती रही। बेड पर चादर नहीं दिखा। शबाना के बेड पर बगल में बैठी उसकी मां फातिमा चिकित्सक के इंतजार में बैठी रही। उसे कोई डॉक्टर देखने वाला नहीं था। फार्मासिस्ट आरपी सिंह इमरजेंसी वार्ड से कुछ दूर अपने कक्ष में बैठ मोबाइल पर व्यस्त रहे।
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सीएचसी मंसूरगंज, 11.30 बजे
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मंसूरगंज अस्पताल पर फार्मासिस्ट आनंद द्विवेदी मिले। उन्होंने बताया कि यहां इमरजेंसी की सुविधा नहीं है। यहां आने वाले मरीजों को पीएचसी पनियरा भेज दिया जाता है। अस्पताल के बाहर मंसूरगंज की रहने वाली संजू अपने बच्चों के साथ इलाज कराने आई थीं। वह अस्पताल के बाहर बरामदे में बैठकर डॉक्टर के आने का इंतजार कर रही थीं। दोनों बच्चों को बुखार होने पर उनका इलाज कराने आई थी।
सीएचसी रतनपुर, समय 11.35 बजे
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर इमरजेंसी वार्ड में बेड पर श्यामकाट गांव के गौरव त्रिपाठी दिखे। वह मधुमक्खियों के हमले में घायल होने पर पहुंचे तो उनको भर्ती कर लिया गया। लाइट न होने से कमरे में अंधेरा था। उमस से वह परेशान रहे। उनका हाल जानने की फुर्सत किसी को नहीं थी। इमरजेंसी में डॉ. जितेन्द्र कहीं गए हुए थे। दवा वितरण केंद्र में फार्मासिस्ट अशोक कुमार और स्टाफ नर्स प्रेम मौजूद रहे।
सीएचसी सिसवां, समय 11.40 बजे
सीएचसी सिसवां में इन दिनों टीकाकरण हो रहा है। यहां आने वाले इमरजेंसी केस का पीएचसी में देखा जाता है। सिर दर्द से पीड़ित डढ़ौली गांव की रहने वाले रुची कन्नौजिया अपनी मां आरती देवी एवं परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचीं। ड्यूटी पर तैनात डॉ. मनोज कुशवाहा ने तुरंत इलाज शुरू कर दिया। डॉ. मनोज कुशवाहा का कहना है कि मरीज में खून की कमी है और माइग्रेन की तकलीफ है।
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अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का निर्देश है। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर त्वरित इलाज करते हैं। अगर इसमें कहीं लापरवाही हो रही है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने की हर संभव कोशिश की जा रही है।
-डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ
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