स्वास्थ्य कर्मियों को लगानी होगी बायोमीट्रिक हाजिरी
महराजगंज। जिले के सभी अस्पतालों में कार्यरत कर्मियों एवं चिकित्सकों के लिए बायोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है। जुलाई माह से इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा, इसके लिए सीएमओ ने सभी सीएचसी अधीक्षकों को पत्र भेजकर जानकारी दी। अब स्वास्थ्य कर्मियों को सचेत रहना पड़ेगा। लेट अस्पताल आने पर मुश्किल बढ़ जाएगी।
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग में 1,000 संविदा एवं 500 स्थायी कर्मियों के अलावा 90 डॉक्टर तैनात हैं। जिला अस्पताल, पीएचसी और सीएचसी पर अब डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी लेट पहुंचते हैं तो वे कार्रवाई की जद में आ जाएंगे। सभी जगह उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमीट्रिक सिस्टम लगेगा। अक्सर शिकायत मिलती है कि समय पर स्वास्थ्यकर्मी हॉस्पिटल नहीं पहुंचे हैं। इससे मरीज परेशान होते हैं। इस कारण सभी पीएचसी और सीएचसी पर बायोमीट्रिक सिस्टम से हाजिरी लगेगी। बायोमीट्रिक सिस्टम जहां खराब है, उसे ठीक कराने के लिए निर्देश दिया गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने सभी सीएचसी अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्साधिकारियों को पत्र जारी कर दिशा-निर्देश दे दिए हैं। बायोमीट्रिक से हाजिरी लगाने के लिए बहुत पहले निर्देश दिया गया था, लेकिन इस पर गंभीरता नहीं बरती है। इस पर गंभीर रुख अख्तियार करते हुए सीएमओ कड़ी हिदायत दी है कि एक जुलाई से इस व्यवस्था का सख्ती से पालन होना जरूरी है।
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क्या है बायोमीट्रिक सिस्टम
बायोमीट्रिक प्रणाली एक ऐसा सिस्टम है जिसके द्वारा व्यक्ति की पहचान की जा सकती है। बायोमीट्रिक मशीन की मदद से व्यक्ति को चेहरे, आंखों, आवाज, अंगुली या अंगूठे के निशान से पहचाना जा सकता है। किसी के बायोमीट्रिक डाटा की क्लोनिंग नहीं की जा सकती है। कंप्यूटर में भी बायोमीट्रिक डिवाइस साफ्टवेयर डाउनलोड करके प्रयोग कर सकते हैं।
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बायोमीट्रिक हाजिरी जुलाई माह से अनिवार्य कर दी गई है। इसके बारे में जिम्मेदारों को पत्र जारी कर निर्देश दिया जा चुका है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब इस व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य विभाग के सभी चिकित्सकों एवं कर्मियों को हर हाल में हाजिरी लगानी होगी।
- डॉ. एके श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्साधिकारी