फरेंदा। कुष्ठ रोगियों की खोज व उनकी पहचान को लेकर मंगलवार को ब्लाॅक सभागार में आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया। अधीक्षक डॉ. एमपी सोनकर ने आशा कार्यकर्ताओं को गांव में भ्रमण कर कुष्ठ रोगियों की खोज करने के निर्देश दिए।
अधीक्षक डॉ. एमपी सोनकर ने कहा कि कुष्ठ रोग लोगों में साधारण से दिखाई देने वाला रोग हैं। पहले चिकनी, लालरंग जैसी त्वचा संक्रामक कुष्ठ रोग का लक्षण हो सकता है। पीएमटी इलाज में हुए संक्रामक युक्त रोगी ही समाज में रोग फैलाते हैं। कुष्ठ रोग का मुख्य कारण चेतन तंत्र में खराबी आ जाने से शारीरिक विकृति विकलांगता भी आ सकती है। कुष्ठ रोग अनुवांशिक नहीं होता हैं। कुष्ठ पीड़ित व्यक्ति की शारीरिक विकृति और विकलांगता का कुष्ठ रोग के प्रसार से कोई भी संबंध नहीं है। उन्होंने कहा की शारीरिक विकृति और क्रूरता से कुष्ठ रोग के बारे में जाना जा सकता है। इससे सामाजिक प्रेरणा का मूल कारण भी बन सकता है। स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी राम सरन गुप्ता ने कहा कुष्ठ रोग का जल्द से जल्द नियमित इलाज कराने से विकृतियों से बचाया जा सकता है।