प्रदर्शन कर आशा कार्यकर्ताओं ने कराया ताकत का अहसास
महराजगंज। आशा कार्यकत्री एसोशिएसन के तत्वावधान में मानेदय बढ़ाने की मांग के लिए गत कई दिनों से सीएचसी पर धरना दिया जा रहा है। लेकिन, जिम्मेदारों ने मांगों पर नहीं दिखाई तो शनिवार को जिले के सभी आशा कार्यकर्ता संगठन के पदाधिकारियों के साथ सीएमओ कार्यालय परिसर से लेकर कलेक्ट्रेट के सामने तक प्रदर्शन किया। यहां परिसर में प्रवेश के दौरान पुलिस ने रोका तो एडीएम को ज्ञापन सौंपकर सभी कार्यकर्ता वापस लौट गए।
शनिवार को जिले के सभी आशा कार्यकर्ता सीएमओ कार्यालय परिसर में सुबह 10 बजे एकत्र हुए। यहां सभी कार्यकर्ता संगठन की जिलाध्यक्ष जमीरून निशा के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया। सभी कार्यकर्ता शहर के मुख्य मार्ग से होकर सक्सेना चौक पहुंचे। यहां से फरेंदा रोड होकर कलेक्ट्रेट परिसर तक गए। आशा कार्यकर्ताओं की संख्या ज्यादा देख पुलिस सतर्क हो गई। डीएम कार्यालय गेट पर आशा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद आशा कार्यकर्ता आक्रोशित हो गई। कुछ देर के लिए आशा कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। इतने में एडीएम वहां पहुंचे। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को समझाया कि उनकी मांगों को शासन तक पहुंचा दी जाएगी। इसके बाद आशा कार्यकर्ताओं ने उनको ज्ञापन सौपा। संगठन की सभी पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार अगर मांगों की पूरा नहीं की तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
इस मौके पर आशा कार्यकत्री एसोसिएशन जिलाध्यक्ष जमीरून निशा ने कहा कि आशा बहुओं का कार्यकाल 15 वर्ष हो गया, लेकिन शासन स्तर से आशा बहुओं / संगिनी बहनों का कोई निश्चित मानदेय नहीं हुआ। आशा कार्यकर्ता ईमानदारी से स्वास्थ्य विभाग की प्रत्येक योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में जुटी हैं। लेकिन आशा कार्यकर्ताओं के हित पर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। मंडल संरक्षक घनश्याम पांडेय, जिला संरक्षक श्रीनाथधर दुबे, रामसवारे यादव, जयराम भारती, प्रमोद श्रीवास्तव, हिना पासवान, विमला, नगीना, राजू चौधरी आदि मौजूद रहे।
आशा कार्यकर्ताओं की ये हैं प्रमुख मांग
महंगाई के मद्देनजर न्यूनतम मानदेय 18,000 रुपये निश्चित किया जाए। प्रोत्साहन राशि को मानदेय में परिवर्तित किया जाए। आशा बहुओं/संगिनी बहनों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा एवं आयुष्मान कार्ड बनाया जाए। मानदेय कोषागार द्वारा सीधे बैंक खाते में भेजा जाए। आशा/ संगिनी की दुर्घटना बीमा दस लाख किया जाय, बीमा प्रमाण पत्र दिया जाए।