फरेंदा। मौसम की मार से बीमार लोग रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में पहुंचे, लेकिन अस्पताल में डाॅक्टर ही मौजूद नहीं रहे। फार्मासिस्ट ने जांच कर जाे दवा लिखी मरीज उसे लेकर घर चले गए। पड़ताल के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही दिखी।
दोपहर 12 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेजार महदेवा में तैनात डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं रहे। उनकी अनुपस्थिति में फार्मासिस्ट महेंद्र सिंह मरीजों का इलाज कर रहे थे। कुल 19 मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे। लेजार महदेवा के 80 वर्षीय रामलाल को खांसी और बुखार की समस्या थी। फार्मासिस्ट ने उनकी जांच कर दवा दी। पूछने पर पता चला कि डाॅक्टर सीएचसी बनकटी में इमरजेंसी ड्यूटी कर रहे हैं। 65 वर्षीय शाहीद अली को शुगर की दिक्कत काफी दिनों से है। उनको शुगर की दवा दी गई। गठिया रोग से पीड़ित रामप्रसाद पहुंचे थे जिनको अस्पताल से दवा मिला तो घर लौट गए। मौके पर स्टाफ नर्स के साथ अन्य लोग मौजूद रहे।
12:40 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोक विद्यापीठ नगर में डॉ. मुकेश गुप्ता और फार्मासिस्ट अरून चतुर्वेदी मरीजों के इंतजार में बैठे रहे। कुछ देर के बाद पांच वर्षीय खुशी को लेकर उसकी मां पहुंचीं। खुशी को खांसी की समस्या थी। अस्पताल से ड्राप और दवा दी गई। 18 वर्षीय इंद्रजीत को बुखार का दवा लेने पहुंचे थे। मनीषा को बुखार व खुजली की समस्या रही। जांच कर डॉक्टर ने दवा दी। सुमन को पीठ दर्द व केशरी आंख में एलर्जी की दवा लेने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि अस्पताल में आंख के कोई डाॅक्टर नहीं हैं, जो थे उन्हीं से दवा ली है। डॉ. मुकेश गुप्ता ने बताया कि कुल 29 मरीजों का इलाज किया गया।
समय 1:16 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महदेवा दूबे में डॉ. सीबी पांडेय व फार्मासिस्ट दिनेश चौधरी मौजूद रहे। दवा वितरण कक्ष में जेपी सिंह दवा दे रहे थे। 50 वर्षीय गंगा बुखार से पीड़ित होकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि 10 दिन से बुखार आ रहा है। उनकी जांच कर दवा दी गई। विनीत 33 को बुखार और फोड़ा की समस्या रही। सरिता सर्दी-जुकाम से पीड़ित होकर पहुंची थी। कुल 35 मरीजों की जांच की गई। डॉ. सीबी पांडेय ने बताया कि मौसम बदलने के कारण वायरल बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं। सभी मरीजों काे जांच कर दवा दी गई है।