मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में दुल्हन की दिए जाने वाले उपहारों की सूची से हटाई गई पायल
वित्तीय सत्र में जनपद को मिला है 1200 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य
महराजगंज। सोने-चांदी की महंगाई का प्रभाव अब मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना तक आ पहुंचा है। अब अखंड सौभाग्य का प्रतीक बिछिया व पायल जैसे आभूषण वधू की उपहार सूची से हटा दिए गए हैं। सामूहिक विवाह में अब इसकी जगह वधू को चार हजार रुपये दिए जाएंगे। इस रकम का सीधे खाते में भुगतान किया जाएगा।
नए वित्तीय सत्र के लिए जनपद को 1200 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य मिला है। प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। चांदी की बढ़ती कीमतों के कारण अब कन्याओं को पायल और बिछिया के स्थान पर चार हजार रुपये की नकद धनराशि दी जाएगी।
योजना के तहत प्रति जोड़े पर एक लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। इसमें से 60,000 रुपये वधू के बैंक खाते में भेजे जाते हैं। 25,000 रुपये वैवाहिक उपहार सामग्री पर खर्च होते हैं। शेष 15,000 रुपये आयोजन व्यवस्था के लिए निर्धारित हैं। पहले उपहार सामग्री में कपड़े, डिनर सेट, प्रेशर कुकर और ट्रॉली बैग के अलावा चांदी की पायल और बिछिया भी दी जाती थी।
वर्जन
चांदी की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर शासन ने चांदी की पायल व बिछिया के स्थान पर वधू के बैंक खाते में चार हजार रुपये भेजने का निर्देश दिया है। नए सत्र में इस निर्देश का अनुपालन किया जाएगा।
-विपिन यादव, समाज कल्याण अधिकारी महराजगंज