निचलौल। क्षेत्र के भोथियाही गांव स्थित एएनएम केंद्र पर तैनात एएनएम पर एक शख्स ने रिश्वत मांगने और प्रसूता से दुर्व्यहार करने की मुख्य चिकित्साधिकारी से शिकायत की थी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नीना वर्मा ने जांच टीम की रिपोर्ट पर एएनएम माला देवी का वेतन वृद्धि रोकते हुए तबादला करने की कार्रवाई की थी। इससे नाराज एएनएम कुछ सहयोगियों के साथ मंगलवार को टेंट के नीचे धरना प्रदर्शन पर बैठ गई। इससे टीकाकरण सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं देर शाम तक बाधित रहीं।
एएनएम ने आरोप लगाया कि अस्पताल के कुछ जिम्मेदारों की ओर से उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। जिसे लेकर वह लोग धरने पर बैठी हैं। जिसकी सूचना कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों को लगी तो वह अस्पताल पहुंचे और एएनएम से मामले की जानकारी ली।
सच्चाई जानने के लिए वह लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. अंग्रेस सिंह के पास ओपीडी में पहुंचे। जहां पर कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने धरने पर बैठी एएनएम की करतूत को साक्ष्यों के आधार पर जाना तो वह लोग दंग हो गए। फिर संघ के पदाधिकारी धरना स्थल पर पहुंच उक्त एएनएम से बातचीत कर उन्हें समझा।
उसके बाद वह लोग अस्पताल से उठकर वापस लौट गई। वहीं कर्मचारी संघ के पदाधिकारी राकेश मणि त्रिपाठी ने कहा की दोनों पक्षों की बात सुनकर एएनएम को बेहतर कार्य के प्रति सजग रहने के लिए समझाया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नीना वर्मा ने कहा की मामले की जानकारी है। जांच में दोषी मिलने के बाद एएनएम के खिलाफ कार्रवाई की गई है।