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सीएचसी नौतनवां में धूल फांक रही अल्ट्रासाउंड मशीन
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महराजगंज। जनपद में अस्पतालों को हाईटेक करने के दावे और हकीकत में बहुत अंतर है। मशीनें उपलब्ध हैं। लेकिन, उसे संचालित करने वाला कोई नहीं है। ऐसे में बाहर से जांच कराना महंगा पड़ रहा है। समस्याओं के समाधान की दिशा में जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौतनवां में मरीजों को बेहतर सुविधा नहीं मिल पा रही है। यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों की जेब ढीली हो रही है। अस्पताल में जांच के लिए खरीदी गई महंगी मशीनें बेकार पड़ी हुई हैं। अगर मशीन लंबे समय तक संचालित नहीं हुईं तो खराब भी हो सकती है। अस्पताल में अगर अल्ट्रासाउंड कराना है तो बाहर जाना पडे़गा जिससे मरीजों को रकम खर्च करना पड़ता है। यह मशीन के अस्पताल के एक कमरे में पड़ी हुई है। प्लास्टिक से ढक कर रखा हुआ है। वहीं, सी- आर्म मशीन भी अस्पताल में शो-पीस बनी हुई है। इसे भी एक किनारे ढक कर रखा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार सी- आर्म मशीन हड्डी से जुड़े ऑपरेशन के काम में आती है। इस मशीन के जरिए डॉक्टर ऑपरेशन के दौरान हड्डी या अंदर की जगह को स्क्रीन पर देख पाते हैं।
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इस मशीन के बिना ऑपरेशन करना असंभव होता है। इस मशीन को चलाने के लिए हड्डी रोग विशेषज्ञ की जरूर है। लेकिन उनकी तैनात नहीं होने से यह मशीन बेकार पड़ी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौतनवां में इलाज कराने गई सरिता, संजना, समीना खातून, अमीना ने बताया कि अल्ट्रासाउंड मशीन होने के बावजूद बाहर से रकम खर्च कर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ता है। यहां इसे संचालित करने के लिए डॉक्टर की तैनाती हो तो समस्या नहीं होती। बाहर अल्ट्रासाउंड कराने में करीब 400 से 500 रुपये देने पड़ते हैं।
सरकार की ओर सुविधा तो दी जा रही है। लेकिन, जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। वहीं, सुरेश मिश्रा, उमाशंकर, तेज बहादुर, रामकेश ने बताया कि सी-आर्म मशीन को संचालित करने के लिए हड्डी रोग चिकित्सक की जरूरत है। यहां इसे संचालित करने के लिए किसी की तैनाती नहीं है। लिहाजा अच्छी मशीन का समुचित इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।
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अल्ट्रासाउंड मशीन व सी-आर्म मशीन पांच वर्ष पहले मिली है। लेकिन विशेषज्ञ की तैनात नहीं होने से मशीन संचालित नहीं हो रही है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। जैसे ही किसी की तैनाती होगी, मशीनें संचालित हो जाएगी। अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास जारी है।
-डॉ. अमित राव गौतम, अधीक्षक, सीएचसी नौतनवां
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