महराजगंज। सीएमओ कार्यालय के सभागार में मंगलवार को ग्लोबल एलायंस फॉर वैक्सीन एंड इम्यूनाइजेशन की जीरो डोज परियोजना के तहत एक दिवसीय कार्यशाला हुई। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने कहा कि गावी योजना का उद्देश्य एक वर्ष तक के उन बच्चों को चिह्नित कर समय से टीकाकरण कराना है, जिन्हें अब तक एक भी टीके की खुराक नहीं मिली है।
इस प्रकार के बच्चों को जीरो डोजर कहा जाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक शत-प्रतिशत बच्चों को समय से सभी टीके दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अक्षम्य मानी जाएगी। गोरखपुर मंडल के गावी कोऑर्डिनेटर विजेंद्र चौबे ने बताया कि जीरो डोज बच्चों की पहचान कर उन्हें नियमित टीकाकरण से जोड़ना आवश्यक है। यूनिसेफ के डीएमसी राहुल सिंह ने मीजल्स जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए नौ से 12 माह तक के बच्चों को एमआर टीका समय से दिलाने पर जोर दिया।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार आर्या ने कहा कि टीकाकरण से वंचित परिवारों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्यकर्मी स्थानीय धार्मिक गुरुओं, ग्राम प्रधानों, अध्यापकों और सम्मानित लोगों को साथ लेकर जाएं ताकि विश्वसनीयता बनी रहे।
इस दौरान एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद, अधीक्षक सदर डॉ केओपी सिंह, अधीक्षक फरेंदा डॉ. एमपी सोनकर, डॉ. सुशील कुमार, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी श्रीभागवत सिंह, यूनिसेफ की ममता पाठक, पूजा, नागेंद्र पांडेय, संदीप पाठक मौजूद रहे।