800 मीटर में होगा उत्खनन, रूपरेखा तैयार
महराजगंज। चौक बाजार क्षेत्र के जंगल स्थित बौद्ध कालीन ऐतिहासिक स्थल राम ग्राम का सर्वेक्षण करने उत्खनन एवं अन्वेषण और पुरातत्व विभाग के अधिकारी शुक्रवार दोपहर में पहुंचे। अधिकारियों की संयुक्त टीम ने स्तूप परिक्षेत्र का सीमांकन कर बुद्ध कालीन अवशेषों, ईंट, पत्थरों का बारीकियों से अध्ययन किया।
सर्वेक्षण टीम ने कहा कि 800 मीटर क्षेत्रफल में उत्खनन का प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रेषित की जा रही है। उम्मीद है जल्द ही उत्खनन होगा। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी नरसिंह त्यागी ने बताया कि शासन के निर्देश पर बुद्धकालीन स्थल रामग्राम का सर्वेक्षण किया गया है। स्तूप के चारो तरफ 800 मीटर क्षेत्रफल का सीमांकन किया गया। यहां मौजूद ईंट, पत्थरों, अन्य अवशेषों का गहन अध्ययन किया गया। टीम ने स्तूप के निकट स्थित ऐतिहासिक तालाब का भी सर्वेक्षण किया।
टीम के सदस्यों ने स्तूप का क्षेत्रफल निकाला। आसपास के लोगों से मिलकर जगह के इतिहास के विषय में जानकारी भी हासिल की। टीम द्वारा सर्वेक्षण रिपोर्ट को तैयार कर शासन को दिया जाएगा। विभाग के उच्च स्तरीय अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट की बारीकियां देखने के बाद खनन के लिए आदेश दिया जाएगा।
उत्खनन का आदेश मिलने के बाद लाइसेंस जारी होगा। फिर उसके बाद उत्खनन होगा। लखनऊ से तीन सदस्यीय टीम में उत्खनन तथा अन्वेषण अधिकारी राम विनय, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी नरसिंह त्यागी, सर्वेक्षक अनिल कुमार सिंह मुख्य रूप से शामिल रहे। इस मौके पर देवदह रामग्राम बौद्ध विकास समिति के अध्यक्ष जितेंद राव, बौद्ध भिक्षुणी संघ मित्रा, पूर्व मौसम वैज्ञानिक शंकर प्रसाद, संदीप राव, गामा प्रसाद, विष्णु, छेदी आदि लोग मौजूद रहे।
रामग्राम बौद्धकालीन स्थल है। शासन के निर्देश पर इसके विकास की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। करीब 800 मीटर क्षेत्रफल में उत्खनन कराने के लिए कार्य योजना तैयार कर शासन को प्रेषित की जा रही है। स्वीकृति मिलने के बाद लाइसेंस जारी होगा और जल्द ही खुदाई शुरू होने की उम्मीद है।
-नरसिंह त्यागी, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी, गोरखपुर