1.33 करोड़ हजार रुपये से अधिक की वसूली की गई
महराजगंज। शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायाधीश अरविंद मलिक की अध्यक्षता में दीवानी न्यायालय में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 61,409 वादों का निस्तारण किया गया और 3.64 करोड़ रुपये अर्थदंड व क्षतिपूर्ति के रूप में निर्धारित किए गए। लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों द्वारा लंबित दीवानी, फौजदारी, पारिवारिक, बैंक ऋण, मोटर दुर्घटना, एनआई एक्ट तथा प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण किया गया। पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 57 मामलों का निस्तारण कर 2.12 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई। जबकि स्थायी लोक अदालत ने सात मामलों में 3.96 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान की। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने 447 मामलों का निस्तारण कर 16,300 रुपये अर्थदंड रूप में वसूले। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सिविल जज वरिष्ठ खंड ने 302 मामलों का निस्तारण किया तथा उत्तराधिकार प्रमाण पत्र भी जारी किए।
अपर सिविल जज प्रवर खंड, त्वरित न्यायालय, फरेंदा न्यायालय एवं ग्राम न्यायालय नौतनवा और निचलौल सहित अन्य न्यायालयों ने भी मामलों का निपटारा कर अर्थदंड वसूला। इसके अतिरिक्त राजस्व एवं चकबंदी न्यायालयों द्वारा 57 हजार से अधिक प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण किया गया।
बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से जुड़े ऋण वसूली मामलों में भी लोक अदालत के माध्यम से बड़ी राहत मिली। भारतीय स्टेट बैंक, बड़ौदा यूपी बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, श्रीराम फाइनेंस एवं अन्य संस्थाओं ने कुल 738 प्री-लिटिगेशन ऋण मामलों का निस्तारण कर 1.33 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की। साथ ही 5.59 करोड़ से अधिक का लोन सेटल किया गया और करीब 2.22 करोड़ रुपये की छूट ऋणधारकों को प्रदान की गई।
कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही। जिला कारागार द्वारा बंदियों के हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। एक जिला एक उत्पाद योजना के अंतर्गत महराजगंज के फर्नीचर उत्पादों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। इस दौरान जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल, पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी, अपर जिलाधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुनील कुमार नागर सहित अनेक न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।