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घरवालों की इज्जत की खातिर मारी गई नूतन

Fri, 01 Nov 2013 02:17 AM IST
अमर उजाला, बरेली
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उत्तर प्रदेश के बरेली में कैंट के सदर बाजार में एक सप्ताह पहले रहस्यमय अंदाज में हुए नूतन केसरवानी हत्याकांड का पुलिस ने बृहस्पतिवार को खुलासा कर दिया। हरदोई निवासी उसका प्रेमी सुजीत ही उसका कातिल निकला, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
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सुजीत ने नूतन का कत्ल इसलिए किया क्योंकि नूतन ने घरवालों के कहीं और शादी तय कर देने के बाद उससे शादी करने से इन्कार कर दिया था।

नूतन का कत्ल गला रेतकर 24 अक्तूबर की रात किया गया था। उसकी लाश घर के दरवाजे के सामने सड़क पर पड़ी मिली थी। हालात से साफ जाहिर था कि घर वालों के सोने के बाद नूतन घर का दरवाजा खोलकर किसी से मिलने बाहर निकली थी और तभी उसका कत्ल कर दिया गया।

बृहस्पतिवार को पुलिस लाइंस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि नूतन के मोबाइल पर 24 अक्तूबर को आखिरी कॉल रात 1.10 बजे आई थी। यही कॉल आने के बाद नूतन घर का दरवाजा खोलकर बाहर निकली थी।
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कॉल डिटेल से पता लगा कि यह नंबर हरदोई के पिपरी गांव के सुजीत का है। बृहस्पतिवार दोपहर डेढ़ बजे कैंट पुलिस ने सुजीत को जंक्शन के पास गिरफ्तार कर लिया।

एसपी सिटी डॉ. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि सन् 2011 में नूतन और सुजीत ने मेरठ में रहकर बीएड किया था। वहीं उनके प्रेम संबंध बने। सुजीत के मुताबिक वह नूतन से शादी करना चाहता था। नूतन भी शादी के लिए राजी थी। मगर कुछ समय पहले घर वालों ने उसका रिश्ता मेरठ में ही दूसरी जगह तय कर दिया। नूतन ने इसके बाद उससे शादी करने से इन्कार कर दिया।

उसने नूतन को काफी समझाया, लेकिन वह रिश्ता तोड़ने को तैयार नहीं हुई। 24 अक्तूबर की रात भी उसे उसे काफी देर समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। इसके बाद उसने रात को फोन करके नूतन को घर के बाहर बुलाया और फिर उसके घर के दरवाजे पर खुखरी से उसका गला रेतकर फरार हो गया।

नूतन के पड़ोस में ले लिया था कमरा
बीएड करने के बाद वर्ष 2012 में सुजीत और नूतन मेरठ से अपने-अपने घर लौट गए लेकिन फोन पर उनका संपर्क बना रहा। मार्च 2013 में सुजीत एमएड करने के बहाने बरेली आया और कैंट के सदर बाजार में नूतन के घर के पास ही अशफाक के मकान में किराए पर रहने लगा।

नूतन मोबाइल रिचार्ज कूपन बेचती थी जिस वजह से उसे उससे मिलने में कोई दिक्कत नहीं होती थी। दिन में भी फोन पर वह उससे बात करता रहता था।

ठान लिया था, किसी और से नहीं होने दूंगा शादी
नूतन का रिश्ता घर वालों ने 14 जुलाई को मेरठ में तय कर दिया था। सुजीत नूतन पर रिश्ता तोड़ने और अपने साथ चलने के लिए दबाव बना रहा था। मगर नूतन परिवार की इज्जत का वास्ता देकर मना कर देती थी। 17 नवंबर को उसकी सगाई होने वाली थी।

सुजीत ने बताया कि उसने ठान लिया था कि नूतन उसे नहीं मिली तो उसे किसी का नहीं होने देगा। कत्ल से पहले सुजीत ने अशफाक के मकान में ही रह रहे अपने दोस्त की खुखरी चुराकर धार बनाई। 24 अक्तूबर की रात फोन करके नूतन को घर के बाहर बुलाया और बगैर कुछ कहे गला रेत दिया।

पिकेट ड्यूटी पर तैनात पुलिस वालों पर कार्रवाई नहीं
नूतन के घर से दस कदम की ही दूरी पर गोल चौराहा है जहां वारदात की रात पिकेट ड्यूटी लगी हुई थी। अगर पिकेट ड्यूटी पर पुलिस वाले मौजूद होते तो दस कदम दूर सड़क पर नूतन का कत्ल नहीं होता। पुलिस अफसरों ने इसके बावजूद न पिकेट ड्यूटी पर तैनात पुलिस वालों का जवाबतलब किया, न उन पर कोई कार्रवाई।
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