संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। तीन साल पहले गांव के ही सजातीय युवक से प्रेम विवाह करने वाली विशाखा (23) की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। मायके वालों ने ससुराल के लोगों पर हत्या का आरोप लगाया। लेकिन, पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद हत्या से इन्कार कर दिया। पुलिस का कहना है कि प्रसव के बाद हालत बिगड़ने से युवती की मौत हुई है।
कोतवाली महरौनी के गांव भड़रऊ की विशाखा को पति मुकेश तिवारी मेडिकल कॉलेज लेकर आया। यहां चिकित्सकों ने विशाखा को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर मायके पक्ष के लोग मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां पिता ओमप्रकाश ने बताया कि करीब तीन वर्ष पूर्व उनकी बेटी और गांव क मुकेश चले गए। फिर बाद में दोनों प्रेम विवाह कर लिया। इसके बाद न तो मायके पक्ष के लोगों को विशाखा से मिलने दिया जाता और न बात कराते थे। ससुरालीजन मायके से दस लाख रुपये दहेज में लाने का दबाव बनाते और ऐसा न करने पर विशाखा की पिटाई करते थे। कई बार उन्होंने उनको समझाया भी लेकिन वह पिटाई करते और जान से मारने की धमकी देते रहे। इस बीच विशाखा गर्भवती हुई तब भी ससुरालीजन उसे परेशान करते थे। विशाखा ने फोन पर परेशान करने और दहेज में दस लाख रुपये मांगने मायके के लोगों को बताई। 3 जून की रात को ससुरालीजनों ने उसकी पुत्री विशाखा की हत्या कर दी और फोन पर उनको जानकारी दी। पिता ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
पोस्टमार्टम में मौत का सही कारण पता नहीं, विसरा सुरक्षित
सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम में मौत का सही कारण पता न चलने के कारण विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। सीओ महरौनी रक्षपाल सिंह ने बताया कि पति द्वारा मारपीट कर हत्या कर देने के आरोप प्रथम दृष्टया निराधार है। हालांकि मामले की जांच की जा रही है।
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एसपी के पास पहुंचे मायके वाले
विशाखा की मौत के बाद मायके पक्ष के लोग एसपी कार्यालय पहुंचे और करीब दो घंटे तक यहां मौजूद रहे। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। शव का पंचायतनामा भरने की कार्रवाई शुरू की गई।