ललितपुर। एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे यूक्रेन में फंसे भाजपा नेता के बेटे उत्कर्ष चौबे जल्द ही भारत लौटेंगे। सोमवार दोपहर में वह यूक्रेन से हंगरी बॉर्डर के लिए करीब पचास भारतीय युवकों के साथ बस से रवाना हुए। जिसे वहां तक पहुंचने में ही करीब सत्रह से अठारह घंटे का समय लग सकता है।
भाजपा नेता डॉ. दीपक चौबे का बेटा उत्कर्ष चौबे यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई रहा है, लेकिन रूस द्वारा हमला करने से भारत के सैकड़ों युवकों के साथ वह भी यूक्रेन में फंस गया है। उसने बीते 26 फरवरी को भारत लौटने के लिए फ्लाइट में बुुकिंग भी कर ली थी, लेकिन कीव का एयरपोर्ट बमबारी में तबाह हो गया। जिसके चलते उसकी फ्लाइट रद्द हो गई और वह वापस नहीं लौट सका। जिस पर उसके परिजन चिंतित हो गए, लेकिन यूक्रेन की एंबेसी ने उत्कर्ष समेत 50 भारतीयों के भारत लौटने के लिए हंगरी बॉर्डर तक एक डबल डेकर बस का इंतजाम कर दिया है। जिसमें बैठकर भारतीय युवक सोमवार को दोपहर में भारतीय समय अनुसार करीब पौने बारह बजे हंगरी बॉर्डर के लिए रवाना हो गए हैं।
हंगरी पहुंचने के बाद वह फ्लाइट से भारत के लिए रवाना होगा। यूक्रेन में फंसे ललितपुर के बेटे को भारत लाने के लिए जिला प्रशासन भी लगातार उससे संपर्क में है। अपर जिलाधिकारी गुलशन कुमार ने रविवार को दोपहर में और सोमवार को भी उत्कर्ष से बात की है। जिस पर उत्कर्ष ने उन्हें बताया कि वह हंगरी बार्डर के लिए निकल चुका है। वहीं उत्कर्ष के पिता ने बताया कि उनका बेटा और करीब पचास से अधिक भारतीय युवक हंगरी बार्डर के लिए रवाना हो गए हैं। अब उन्हें और उनके परिवार को बेटे के आने का इंतजार है।
यूक्रेन की खबरें देखकर पिता का बीपी बढ़ता
भाजपा नेता डॉ. दीपक चौबे ने बताया कि उनका बेटा उत्कर्ष यूक्रेन में कई दिनों से फंसा हुआ है और भारत नहीं आ पाया। जबकि मात्र तीन सौ किलोमीटर की दूरी पर रूस ने हमला कर बमबारी की है। टीवी में समाचार देखने पर उनकी चिंताएं बढ़ जाती हैं और कई बार उनका बीपी भी बढ़ जाता है, लेकिन वह घर में अपनी पत्नी के सामने बीपी चेक भी नहीं करते, ताकि वह उनके लिए भी परेशान न हों।