ललितपुर। एक से दूसरे जनपद की मंडी में महुआ ले जाने के लिए वन विभाग ने ट्रांजिट परमिट नहीं बनाया, ऐसे में सोमवार को गल्ला मंडी में व्यापारियों ने महुआ की खरीद नहीं की। किसानों को बिना बेचे ही महुआ लेकर लौटना पड़ा।
दूसरे जनपद की मंडी में महुआ बेचने के लिए व्यापारियों को ट्रांजिट परमिट की जरूरत पड़ती है।ट्रांजिट परमिट बनाने के लिए रिश्वत लेने के मामले में एंटी करप्शन की टीम ने हाल में वन दरोगा को गिरफ्तार किया था। अब वन विभाग ने ट्रांजिट परमिट बनाना बंद कर दिया है। सोमवार को गल्ला मंडी में व्यापारियों ने महुआ की खरीद नहीं की, इससे किसान परेशान रहे।
वहीं, मंडी समिति को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा। जबकि, इस समय गल्ला मंडी में औसतन दो हजार से अधिक कट्टी यानी आठ सौ से एक हजार क्विंटल तक महुआ की आवक हो रही है।