मड़ावरा(ललितपुर)। थाना मदनपुर क्षेत्र अंतर्गत कस्बा मदनपुर में थाने से मात्र पांच सौ मीटर दूर स्थित त्रिमूर्ति जैन मंदिर के ताले तोड़कर चोरों ने दानपेटी चोरी कर ली। दानपेटी में लगभग पांच लाख रुपये रखे होने की संभावना जताई जा रही है। जानकारी मिलने पर मदनपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया।
कस्बा मड़ावरा निवासी मंदिर समिति के प्रबंधक रविंद्र सौंरया एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा एक शिकायती पत्र देकर मदनपुर पुलिस को बताया कि कुछ समय पहले मंदिर परिसर में सिद्धचक्र विधान का आयोजन किया गया था, तब श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर के दानपात्र में काफी गुप्तदान किया गया था जो लगभग चार से पांच लाख रुपये के बीच हो सकता है। बृहस्पतिवार को मंदिर के पुजारी सुनील कुमार प्रतिदिन की तरह सुबह मंदिर दर्शन के लिए गए तो मंदिर के मुख्य द्वार का ताला टूटा था। पुजारी ने मंदिर के चौकीदार अशोक रैकवार को बताया और मंदिर का दरवाजा खोलकर देखा तो वहां सभी प्रतिमाएं, छत्र एवं अन्य सामग्री तो सुरक्षित अपने स्थान पर पाई गई, लेकिन लोहे का बना दानपात्र नदारद था। मामले की जानकारी मंदिर के प्रबंधक को दी गई, उन्होंने मदनपुर पहुंचकर पुलिस को घटना के बारे में सूचना दी। जैन मंदिर में चोरी की सूचना मिलते ही मदनपुर थानाध्यक्ष राजकुमार वर्मा एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी महरौनी फूलचंद द्वार मौके का मुआयना करते हुए आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई। पुलिस ने मंदिर समिति के प्रबंधक की तहरीर पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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पहले भी हो चुकी है चोरी
मदनपुर में दो वर्ष पहले भी गांव के अंदर स्थित पचमढ़ी जैन मंदिर से अज्ञात चोरों द्वारा दानपेटी चुरा ली गई थी। उस मामले में भी अब तक मदनपुर पुलिस के हाथ फिलहाल खाली हैं।
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मंदिर परिसर में नहीं हैं सीसीटीवी
लगभग एक एकड़ रकबे में स्थित त्रिमूर्ति जिनालय परिसर में धार्मिक आयोजनों के दौरान दानपेटी में श्रद्घालुओं द्वारा दान पुण्य किया जाता है, जबकि जैन धर्म के भगवान की मूर्ति भी स्थित हैं। लेकिन, मंदिर एवं परिसर में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं।
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दो से अधिक चोर होने की संभावना
मंदिर समिति के प्रबंधक ने बताया कि चोरी गया दानपात्र लगभग दो फुट चौड़ा और ऊंचा लोहे का बना था और यह काफी वजनी भी था। इसे कम से कम दो या अधिक ही व्यक्ति उठा सकते थे। ऐसे में चोरों की संख्या दो या दो से अधिक हो सकती है।
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मेज पर चढ़कर फांदी बाउंड्रीवाल
चोरों द्वारा मंदिर का दान पात्र उठाकर उसे बाहर लाकर उसमें पड़ा ताला तोड़ दिया, लेकिन अंदर से एक गुप्त लॉक नहीं खोल सकने पर लगभग आठ फीट ऊंची बाउंड्रीवाल के किनारे एक लोहे की मेज पर चढ़कर बाउंड्रीवाल फांदकर दानपेटी लेकर फरार हो गए।
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कटर की आवाज से नहीं सुनी कोई हलचल
मंदिर के चौकीदार अशोक ने बताया कि रोज की तरह उसने शाम को लगभग साढ़े छह बजे मंदिर का ताला लगा दिया और अपने कमरे में चला गया। रात दस बजे तक मंदिर के कारीगर बाहर काम करते रहे और बिजली चले जाने पर वह लोग भी अपने कमरे में चले गए। रात के समय मंदिर के पड़ोस में पत्थर चीरने वाले कटर चलने की तेज आवाज में उन लोगों को कोई हलचल की आवाज नहीं आई।
मन्दिर के पदाधिकारी से बात करते सी ओ- फोटो : LALITPUR
मन्दिर में टूटा पड़ा ताला- फोटो : LALITPUR