ललितपुर। ालौन की नगर पालिका परिषद उरई के अध्यक्ष एवं सभासद के बीच विवाद के बाद मंडलायुक्त डॉ अजय शंकर पांडेय ने पालिकाध्यक्षों व सभासदों को जो पत्र लिखा है वह स्थानीय नगर पालिका के लिए नजीर बन सकता है। क्योकि यहां भी पालिकाध्यक्ष और सभासदों के बीच काफी समय से मतभेद चले आ रहे हैं। इसके कारण कई बार बोर्ड की बैठक में भी विवाद हो चुका है।
मंडलायुक्त ने भेजे पत्र में कहा कि नगरीय निकायों के लिए चुने गये जनप्रतिनिधि लोकतंत्र की आधारशिला होते हैं। वार्ड के सभासद और पंचायतों के अध्यक्षों के पास एक बड़े जन समर्थन का बल होता है। अध्यक्ष और सभासद नगरीय सुविधाओं को स्तरीय बनाने के लिए एक दूसरे के सहयोगी एवं अनुपूरक होने चाहिए और उनसे कंधे से कंधा मिलाकर धरातल पर कार्य करने की अपेक्षा होती है।
इसके उलट, अध्यक्ष और समासद के बीच में विवाद होना, नौबत मारपीट तक आ जाना नितांत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। जिस घटनाक्रम का वह उल्लेख कर रहे हैं उस घटनाक्रम में कानून अपना काम करेगा और इस संबंध में सख्त कार्यवाही के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि उनका कुशल नेतृत्व एवं सेवाभावी आदर्श लोगोें के लिए सुव्यवथित, नागरिक जीवन की गारंटी बनेगा।
गौरतलब हो कि स्थानीय नगर पालिका परिषद में पालिकाध्यक्ष रजनी साहू और सभासदों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है इसके कारण बोर्ड की बैठकें भी स्थगित होती रहीं। पालिकाध्यक्ष के खिलाफ 17 सभासद होने के कारण शहर के खराब हैंडपंप से लेकर सड़कों की मरम्मत तक समय पर नहीं हो पा रही है।