ललितपुर। कोरोना संक्रमण की तीन लहरों के बाद फिर से स्कूल खुल गए हैं। ऐसे में स्कूलों ने विद्यार्थियों में पढ़ाई के लिए रुचि लाने के लिए तमाम कवायदें शुरू कर दी हैं। स्कूलों ने मनोरंजक गतिविधियां, रिवीजन क्लास और ब्रिज कोर्स शुरू करने की तैयारी की है। ताकि फिर से विद्यार्थी पढ़ाई से जुड़ सकें।
बीते दो साल में कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद रहने से विद्यार्थियों की शैक्षिक स्थिति में काफी बदलाव हुआ है। आनलाइन पढ़ाई से कई बच्चों को तो मोबाइल की लत लग गई और पढ़ाई से उन्होंने दूरियां भी बना लीं। अब जब दो साल बाद स्कूल खुले हैं, तो सामने आया है कि बच्चों का शैक्षिक स्तर काफी गिर चुका है। ऐसे में स्कूल प्रबंधनों द्वारा छात्र-छात्राओं का शैक्षिक और मानसिक स्तर में सुधार के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियां शुरू की जा रही हैं।
स्कूल में कोविड नियमों का पालन कराने के साथ ही विभिन्न उपयोगी प्रतियोगिताएं और खेल कराए जाएंगे। साथ ही सैनेटाइजर, मास्क एवं सामाजिक दूरी का पालन कराया जा रहा है। जबकि कुछ स्कूलों में तो कोरोना के भय को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुलाकर स्कूल में ही शिविर लगाकर जागरूक किया जा रहा है।
कोरोना के चलते दो सालों में छात्र-छात्रों का बौद्घिक स्तर काफी कमजोर हुआ है, जिससे उनकी पढ़ाई भी शिथिल हो गई है। इसके लिए विद्यालय में पहुंचने पर बच्चों को कोविड नियमों की जानकारी एवं भय को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम बुलाकर सप्ताह में एक बार जागरूकता शिविर लगाया जा रहा है।
शिवराम झा, प्रधानाचार्य, एवीएम इंटर स्कूल
बुधवार को यलो डे मनाया गया और बच्चों को अलग-अलग गतिविधि कराई गईं। साथ ही इंडोर और आउटडोर गेम्स भी कराए जा रहे हैं। दो साल से बच्चे ऑनलाइन पढ़ रहे थे, लेकिन अब अभिभावक भी चाहते हैं कि बच्चों को क्लास रूम स्टडी मिल जाए। इसके चलते विद्यालय में रिवीजन क्लास भी चलाई जा रही हैं।
अजय जैन, प्रबंधक, संस्कार वैली एकेडमी
स्कूल नहीं आने से बच्चे पढ़ाई में काफी पीछे हो गए हैं। अब स्कूल आना जरूरी है, जो ज्ञान स्कूल में मिलता था। वह ऑनलाइन में पूरी तरह से नहीं मिल सका। कक्षाएं शुरू होने को लेकर बच्चे भी उत्साहित हैं। कोशिश की जा रही है कि पढ़ाई के साथ साथ विभिन्न प्रकार की थीम्स, म्यूजिक क्लासेस भी कर रहे हैं।
-कपिल अग्रवाल, प्रबंधक, महाराजा अग्रसेन पब्लिक स्कूल