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ब्रिटिश कालीन खस्ताहाल पुल से गुजरने को मजबूर है ग्रामीण

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पाली से बालाबेहट मार्ग स्थित खस्ताहाल पुल से बीते सप्ताह इस तरह निकला नदी का पानी - फोटो : LALITPUR
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ललितपुर/पाली। ब्रिट्रिश हुकूमत में बालाबेहट से करीब दो किलोमीटर पहले बना जर्जर पुल काफी है। इस खस्ताहाल पुल पर एक हफ्ते पहले उफनाई नदी के पानी के बीच ग्रामीण जान जोखिम में डाल कर लोग निकल रहे थे। वहीं बड़े वाहनों का आवागमन लगभग बंद हो गया है। इससे करीब तीन दर्जन गांवों के लोगों को तहसील मुख्यालय आने के लिए 20 से 25 किलोमीटर का फासला तय करना पड़ रहा है।
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बालाबेहट से करीब दो किलोमीटर पहले ब्रिटिश हुकूमत में बने इस पुल की से गुजरना जोखिम भरा साबित हो रहा है। इस पुल से बालावेहट, ककोरिया, बरौदिया, सेमरा, गिरिटोरा, दावर, डारा, कछियार, बरैना, चौटराघाट सहित करीब तीन दर्जन गांव और मचरे के 25 हजार से अधिक लोगों का आना जाना लगा रहता है।
पुल पर उखड़ी गिट्टी और पत्थर पर निकलने वालों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इलाकाई लोगों की माने तो वर्षों से इस पुल की हालत में न तो कोई बदलाव हुआ और न ही राहगीरों को राहत मिल पाई। बरसात में तो स्थित और खराब हो जाती है। करीब एक हफ्ते पहले उफनाई नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा था जिससे निकलना आसान नहीं इसके बाद भी लोगों ने किसी तरह से पैदल रास्ता पार किया। पुल पर से गुजरने में पैदल, दोपहिया और चार पहिया वाहनों के सवार ही नहीं ट्रकों के ड्राइवर भी डरते हैं।
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नए पुल का निर्माण धीमी गति से हो रहा
एक साल पहले मंजूर हुआ नया पुल का निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक अभी तक पिलर भी पूरे नहीं बन सके है। यदि इसी गति से निर्माण कार्य हुआ तो पुल बनने में पांच साल लग जाएंगे। ग्रामीणों ने डीएम से मांग की है कि नए पुल का निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए जिससे अगले साल फिर इस समस्या से जूझना न पड़े।
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प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को कई बार पुल की मरम्मत के लिए पत्र भेजा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। नया पुल बनाने का काम भी काफी धीमी गति से चल रहा है।
दौलत राम साहू, बालाबेहट

पाली से बालाबेहट मार्ग स्थित खस्ताहाल पुल से गुजरते लोग- फोटो : LALITPUR

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