ललितपुर। उचित दर विक्रेता डोंगराकलां को राशन वितरण में अनियमितता बरतना महंगा पड़ गया है। जिला पूर्ति अधिकारी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर दुकान का अनुबंध पत्र निरस्त कर दिया है। इससे पहले दुकान का अनुबंध निलंबित किया गया था।
ग्रामवासियों ने जिलाधिकारी के समक्ष उचित दर विक्रेता सकुन देवी द्वारा वितरण में अनियमितता बरतने की शिकायत की थी। इसकी जांच कराई गई। बाद में सकुनदेवी की दुकान का अनुबंध पत्र निलंबित कर विक्रेता से स्पष्टीकरण तलब किया गया था। विक्रेता द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण का परीक्षण कर सकुनदेवी की जमा प्रतिभूति धनराशि 2,500 रुपये दंडस्वरूप शासन के पक्ष में जब्त करते हुए दुकान का अनुबंध पत्र बहाल कर दिया गया था।
लेकिन, कोटा बहाल होने पर ग्राम डोंगराकलां के ग्रामीण दोबारा शिकायत लेकर पहुंच गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ई-पॉस में अंगूठा लगाने के बाद ग्रामीणों को राशन नहीं दिया जा रहा है। इस पर राशन कार्डधारकों के बयान दर्ज किए गए। साथ ही विक्रेेता से तीन दिन में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया। लेकिन, कोटेदार ने स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया। इस पर जिला पूर्ति अधिकारी राजीव कुमार ने उचित दर विक्रेता सकुनदेवी ग्राम डोंगराकला की राशन की दुकान की जमा राशि शासन के पक्ष में जब्त करते हुए दुकान का अनुबंध पत्र निरस्त कर दिया।