मड़ावरा। दिगंबर जैन संत आचार्य 108 विद्यासागर महाराज का 50वां आचार्य पदारोहण दिवस एवं आर्यिका संघ का पिच्छिका परिवर्तन समारोह काफी भव्यता एवं उमंग के साथ मनाया गया।
सोमवार को पिच्छिका परिवर्तन समारोह से पहले नगर में पिच्छिका की भव्य शोभायात्रा नगर में निकाली गई। जिसमें अग्रिम पंक्ति में आचार्य विद्यासागर संस्कार वर्णी पाठशाला के नन्हें-मुन्हें बच्चे धर्मध्वजा लेकर चल रहे थे। वहीं आदर्श बालिका मंडल की बेटियां मंगल कलश लेकर चल रही थीं। साथ में दिगंबर जैन स्वस्ति महिला मंडल की सदस्याएं धर्म शास्त्रों लेकर शामिल थीं। इनके पीछे नगर का दिव्य घोष जैन युवा जागृति सेवा संघ, वर्णी व्यायाम शाला, णमोकार सेवा संघ, नेमिनाथ सेवा संघ के दिव्य घोष की स्वरलहरी के साथ बग्गियों में सौधर्म इंद्र और लौकांतिक देव सवार चल रहे थे। शोभायात्रा में महिला मंडल, विद्यासमय कीर्ति मंडल, सर्वोदय बालिका मंडल के सदस्य मंगल कलश लिए थे। इधर, धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका अंतरमति माता ने कहा कि पिच्छिका को प्राप्त करने का सौभाग्य संयमी के लिए ही होता है। व्रत एवं संयम का पालन करने वाले श्रावक ही पिच्छिका को प्राप्त करने और साधु- साध्वियों को नवीन पिच्छिका को प्रदान करने का सौभाग्य प्राप्त करते हैं। चातुर्मास के दौरान अपने कर्तव्यों द्वारा निस्वार्थ सेवाएं प्रदान करने वाले सामाजिक बंधुओं का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन विधानाचार्य पंडित प्रदीप जैन शास्त्री ने किया।
पदारोहण पर जारी हुआ डाक लिफाफा
आचार्य श्रेष्ठ के 50वें आचार्य पदारोहण दिवस के अवसर पर भारतीय डाक एवं तार विभाग द्वारा जारी आवरण का विमोचन किया गया। इस दौरान उप डाकघर मडावरा में भी डाक टिकट का अनावरण पोस्ट मास्टर खूबचंद्र वर्मा ने किया। दिगंबर जैन समाज ललितपुर ने डाक विभाग के माध्यम से विशेष आवरण एवं विरूपण सील जारी कराया। जिसका लोकार्पण पोस्टमास्टर रणजीत सिंह वर्मा ने जैन पंचायत के पदाधिकारियों की मौजूदगी में किया। इस मौके पर जैन पंचायत अध्यक्ष अनिल जैन अंचल, पोस्ट फोरम के सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता जयकुमार समैया, महामंत्री डॉ. अक्षय टडैया, शीलचंद अनौरा, राजेंद्र जैन, कपूरचंद लागौन, जिनेंद्र जैन,पवन जैन, शिवाजी, सुनील समैया, सुकुमार जैन, सनत जैन मलैया, मुकेश जैन आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
क्षेत्रपाल मंदिर में हुआ आचार्य छत्तीसी विधान
ललितपुर। क्षेत्रपाल मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करती आर्यिका आदर्शमति माता ने गुरु के उपकार को अतुलनीय बताते हुए कहा गुरु चरणों में ही कल्याण है। आचार्य विद्यासागर महाराज वर्तमान में त्याग तपस्या की प्रतिमूर्ति हैं। जिन्होंने समाज को शिक्षा, चिकित्सा, हथकरघा और गोशालाओं के माध्यम से नई दिशा दी। यही नहीं हजारों की संख्या में श्रावकों को संयम के मार्ग पर आगे बढाने के लिए प्रेरणाश्रोत बने हैं।
आचार्य पदारोहण संयम महोत्सव पर प्रात: काल आर्यिका संघ के सानिध्य में आचार्य छत्तीसी विधान का शुभारंभ मुख्य कलश स्थापित कर जैन पंचायत के अध्यक्ष अनिल जैन अंचल ने और दीप प्रज्ज्वलन महेंद्र जैन ने किया। विधान में सौधर्म इंद्र महामंत्री डॉ. अक्षय टडैया, महा यज्ञनायक राजेंद्र जैन और कुबेर संजीव जैन परिवार रहा। विधान में आर्यिका दुर्लभमति माता एवं आर्यिका श्वेतमति माता ने अर्घ्य समर्पित कराए। विधानाचार्य मनोज ब्रहमचारी, प्रदीप जैन, अशोक,राजकुमार, राजेश जैन, जय महोली, नीता,अशोक जैन ने प्रभु के सम्मुख आरती उतारी और भक्तिकर पुण्यार्जन किया।
भव्य शोभायात्रा में पिच्छीका लिए महिलाएं- फोटो : LALITPUR
पिच्छिका परिवर्तन करती आर्यिकाश्री- फोटो : LALITPUR