ललितपुर में विकास का भले ही दावा किया जा रहो लेकिन हकीकत यह है कि आज भी सदर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत भारौन और बांसपुर के बीच स्थित मुंडारी गांव के लोग सौंर नदी पार करने के लिए रस्सी का सहारा ले रहे हैं।
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इससे दो ग्राम पंचायतों की करीब चार हजार की आबादी के अलावा आसपास और सीमावर्ती मध्यप्रदेश के कई जनपदों के लोग प्रभावित हो रहे हैं। रविवार को नदी पार करने के दौरान किसान रामबाबू पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया था, शोर सुनकर आसपास खेतों में मौजूद चरवाहों ने पथराव कर मगरमच्छ को भगाया।
इस घटना में किसान का हाथ जख्मी हो गया जिसका उपचार कराया गया। जानकारी के मुताबिक, सदर तहसील इलाके की ग्राम पंचायत भारौन व बांसपुर के बीच स्थित मुंडारी गांव के बीच से निकली सौंर नदी पर वर्ष 2001 में निर्माणाधीन पुल बह जाने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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बरसात के दौरान नदी में पानी आ जाने से इन गांवों के लोगों को नदी पार करने के लिए रस्सी का सहारा लेना पड़ रहा है। हैरत की बात तो यह है कि गांव के लोगों ने जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक पुल बनवाने की मांग की लेकिन नतीजा सिफर रहा।
ग्रामीणों के मुताबिक इस नदी से धौर्रा से बालाबेहट, भारौन, मुंडारी, भड़या वारा, बांसपुर सहित सीमावर्ती मध्य प्रदेश कई गांवों के लोगों का आवागमन रस्सी पकड़ कर ही होता है।