कैप्सन - नगर में निकलती पीरों की सवारी
- फोटो : TALDEHATE
ललितपुर। जन्माष्टमी पर्व के दूसरे दिन शहर में पीर यात्रा निकाली गई। जिसमें पीरों ने पहले मंदिरों में होम लगाया, इसके बाद मंदिरों से लेकर गलियों में यात्रा के दौरान पीरों ने परंपरागत करतब भी दिखाए साथ ही लोगों को आशीर्वाद भी दिया।
जन्माष्टमी पर्व के अगले दिन मंगलवार को शहर के महावीरपुरा स्थित पीर बाबा मंदिर में लोगों ने हवन पूजन व आरती का आयोजन किया। इसके बाद यहां कुुछ लोगों को परंपरागत तरीके से पीरों की सवारी आई, तो पीरों ने धार्मिक परंपरा के अनुसार पीर खेल खेला। जिसमें कई पीर एक-दूसरे के साथ परंपरागत सांकल, मोर पंखों के साथ करतब दिखाते रहे। मंगलवार की शाम को पीर बाबा मंदिर से पीरों की यात्रा नगर भ्रमण करते हुए पहले सरदारपुरा में स्थापित पीरों की मढ़िया पर पहुंची, फिर वहां से महावीरपुरा स्थित झुनारे वाले शंकर के मंदिर पर पहुंची, जहां होम, धूप व हवन का आयोजन किया। यात्रा के दौरान लोगों की भारी भीड़ सड़कों के दोनों ओर जमा रही। वहीं यात्रा निकलते हुए लोगों ने स्वत ही उन्हें रास्ता छोड़ दिया। इसके बाद यहां से यह यात्रा घुसयाना के आगे बयाना नाला पुल के पास मंदिर में पहुंची, जहां पीरों ने अपनी परंपरागत तरीके से पूजा अर्चना की और लोगों से उनकी समस्याएं भी सुनकर आशीर्वाद भी दिया।
कैप्सन - नगर में निकलती पीरों की सवारी- फोटो : TALDEHATE