ललितपुर। आर्यिका आदर्शमति माता ने कहा कि तपाने से जैसे अशुद्ध वस्तु शुद्ध होती है उसी तरह अपनी आत्मा को तप के माध्यम से जब तपाते हैं तो जीवन में निखार एवं परिणामों में निर्मलता आती है। उन्होंने कहा किसी तपस्वी की जब छवि देखते हैं तो उसके प्रति श्रद्धा अपने आप हो जाती है। वह पर्यूषण पर्व पर बृहस्पतिवार को क्षेत्रपाल परिसर में प्रवचन दे रहीं थीं। धर्मसभा में पाठशाला की छात्राओं ने तत्वार्थसूत्र का वाचन किया और पदाधिकारियों ने आचार्य श्री के चित्र का अनावरण किया।
जैन अटामंदिर में आर्यिका दुर्लभमति माता ने उत्तम तप धर्म पर कहा कि शरीर को संयत करते हुए मन में उठी इच्छाओं का रोकना सम्यक तप माना गया है। इसमें जरा प्रतिकूलता कठिनाई महसूस होती है। मन की इसी सुविधा भोगी प्रवृत्ति को समझकर श्रावक आत्म शुद्धि और सिद्धि के लिए तप का मार्ग अपनाते हैं। धर्मसभा के पहले आचार्य विद्यासागर महाराज का सामूहिक पूजन किया गया। उधर, जैन नया मंदिर में आर्यिका अभिषेक शांतिधारा के उपरांत तत्वार्थ सूत्र का वाचन किया गया जिसको प्रतिभा स्थली की छात्रा अंकिता जैन, आन्या जैन एवं पूजा जैन ने किया, जबकि अर्घ अनुराग सिंघई एवं राकेश जैन ने अर्पित किया। सांगानेर के विद्वान डॉ. दीपक गोयल ने कहा संयम की सिद्धि राग का उच्छेद कर्मों का नाश ध्यान और आगम की प्राप्ति के लिए तप धारण किया जाता है। सुबह नगर के जैन अतिशय क्षेत्र क्षेत्रपाल, जैन अटा मंदिर, बडा मंदिर वाहुबलि नगर नईबस्ती,आदिनाथ मंदिर चंद्रप्रभु मंदिर डोड़ाघाट, शांतिनगर मंदिर, गांधीनगर इलाइट जैन मंदिर, सिविल लाइन जैन मंदिर, एंबोशिया कॉलोनी में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ रात्रि में नगर के जैन मंदिरों में सायंकाल संगीतमय आरती में श्रद्धालुजन शामिल हुए और प्रभु की आराधना की।
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भाग्य अजमाओ प्रतियोगिता में सुरभि जैन रहीं अव्वल
जैन अटामंदिर में अखिल भारतीय दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में भाग्य अजमाओ प्रतियोगिता समाजसेवी बाबूलाल जैन एवं प्रदीप जैन की स्मृति में हुई। इसमें सुरभि जैन प्रथम, नीलू जैन द्वितीय, सरिता जैन तृतीय और सेजल, शैलेश जैन सिद्धि जैन को सांत्वना पुरस्कार मिला। प्रतियोगिता का संयोजन डॉ.नीलम सराफ एवं किरण सतभैया ने और संचालन अंशिता गुगरवारा एवं संस्कार जैन ने किया। इस मौके पर महामंत्री अजय जैन, अक्षय अलया, देवेंद्र जैन डिस्को, गेंदालाल सतभैया आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
आरती सजाओ प्रतियोगिता आरुषि अव्वल
पार्श्वनाथ दिगंबर जैन नया मंदिर में आरती सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन पूर्णमति महिला समिति के तत्वावधान में हुआ। मंत्री गुंजा जैन के संयोजन में हुई प्रतियोगिता में आरुशि जैन प्रथम, आनया जैन द्वितीय, मून जैन एवं तीर्थजैन तृतीय रहे। निर्णायक उर्मिला जैन एवं दर्शना सराफ रहे। अध्यक्ष शोभा टडैया, राखी जैन, निशा जैन, मोनिका जैन, पिंकी जैन, संगीता जैन, सोनिया जैन, अमिता जैन, प्रियंका जैन, सोनल जैन, श्वेता जैन, सारिका जैन, सृष्टि जैन आदि का सहयोग रहा।
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जैन मंदिर में हवन कुंड में धूप विसर्जित कर कोरोना मुक्ति की कामना की
पर्यूषण पर्व के दौरान सुगंध दशमी पर महिला पुरुष, बच्चों ने उपवास रखा और नगर के सभी जैन मंदिरों में रखे हवन कुंड में धूप विसर्जित कर देश में अमनचैन एवं करोना महामारी से मुक्ति हेतु कामना की। बताया जाता है कि मगध देश में विजयसेन राजा की रानी चित्रलेखना की दुर्गंधा नाम की कन्या हुई जिसके शरीर से दुर्गंध निकलती थी, राजा ने मुनिराज से जब इसका कारण पूछा तो उन्होंने राजा को बताया कि पूर्व भव में इस कन्या ने मुनि निंदा की थी, इसी कारण इसे ऐसा रूप प्राप्त हुआ है। मुनिराज के कथनानुसार समस्त धर्मों का मूल सम्यकदर्शन है। अहिंसा सत्य अचौर्य परिग्रह प्रमाण व्रतों को अंगीकार करें और सुगंधदशमी का व्रत पालन करें तो यह कन्या अपना भव सुधार सकती है। राजा ने ऐसा ही कराया और यह व्रत दस वर्षों तक किया जाता है। इसके व्रत के पूर्ण होने पर धर्मालुजन मंदिर को उपकरण शास्त्र आदि प्रदान करते हैं। उधर, मड़ावरा में भगवान शीतलनाथ के पूजन के उपरांत नगर के ग्यारह जिनालयों के दर्शन किए। मंदिरों में रखे हवन कुंड में विश्व में कोरोना रोग से मुक्ति मिले इसी मंगल भावना से धूप को विर्सजित किया।
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बच्चों और युवाओं ने प्रतियोगिता में लिया बढ़चढ़ कर हिस्सा
ललितपुर। नईबस्ती स्थित आदिनाथ जैन मंदिर के प्रांगण में बृहस्पतिवार को वर्द्धमान सेवा संघ के तत्वावधान में हुनर दिखाओ इनाम पाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। दो वर्गों में आयोजित इस प्रतियोगिता में आठ से 13 वर्ष आयु वर्ग में विधि जैन प्रथम, लिटिल जैन द्वितीय, अनुष्का जैन तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं, 14 से 20 आयु वर्ग में गुनगुन जैन प्रथम स्थान पर, अंजुल जैन ने द्वितीय और अक्षत जैन तृतीय स्थान व आर्या नायक ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। प्रतिभागियों को पार्षद महेंद्र सिंघई, आदिनाथ मंदिर के प्रबंधक द्वय जितेंद्र जैन राजू, शुभेंदु जैन, राजकुमार कैप्टन, दीपक सिंघई, स्याद्वाद वर्द्धमान सेवा संघ के अध्यक्ष सत्येंद्र जैन, शीलचंद्र शास्त्री, डॉ सुनील संचय आदि ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। संचालन सांस्कृतिक मंत्री विशाल जैन ने किया। उधर, ब्राम्ही सुंदरी महिला संभाग के अंतर्गत बाली महासमिति चेलना इकाई (महिला) नई बस्ती की ओर से धार्मिक परिधान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में पांच से 10 आयु वर्ग में सारवी जैन, प्रथम,आरव नायक द्वितीय और अक्षय जैन तृतीय स्थान पर रहे। जबकि, 11 से 15 आयु वर्ग में अनुष्का नायक प्रथम, मौली जैन द्वितीय और सौम्या जैन को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इस मौके पर संगीता जैन, कुसुम जैन, मनीषा जैन, रशिम गदियाना, सुषमा बरया, ममता जैन, सरोज जैन मौजूद रहीं।
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इच्छाओं पर नियंत्रण रखना ही तप है: अंतरमति
मड़ावरा। वर्णीनगर मडा़वरा में धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिकाश्री अंतरमति माता जी ने कहा कि तप दो प्रकार का होता है अंतरंग और बहिरंग। व्यक्ति अपने जीवन में त्याग व तपस्या करता है वही तप है। तप के द्वारा व्यक्ति महान बनता है। ऋषि -मुनि अपनी आत्मा का कल्याण करने के लिए तप करते हैं, उत्तम तप धर्म का सातवां लक्षण है। उन्होंने कहा अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण पाना ही सच्चा तप है। तप के द्वारा व्यक्ति नर से नारायण भी बन सकता है।
शांतिधारा विनय कुमार, नीरज जैन, सेवानिवृत्त प्रवक्ता रमेशचंद्र जैन, डॉ. अभिषेक जैन, वैदिक जैन, अनिल कुमार, संतोष बजाज, निर्मल कुमार, दीपक कुमार, प्रवीण जैन, रूपचंद्र, दीपक जैन सौंरई ,प्रकाश चंद्र, मोनू, सोनू जैन ने की। रात्रि में प्रतिभा स्थली की बेटियों द्वारा किमी जैन के निर्देशन में प्रेरणादायक नाटिकाएं प्रस्तुत की गई। चातुर्मास समिति के स्वागताध्यक्ष सवाई सिंघई, धीरेंद्र कुमार जैन, महामंत्री डॉ. राकेश सिंघई द्वारा बेटियों को सम्मानित किया।
कैप्सन- मंदिर में पूजन करते श्रद्धालु- फोटो : TALDEHATE
कैप्सन- मंदिर में पूजन करते श्रद्धालु- फोटो : TALDEHATE