प्रतियोगिता में मौजूद बालिकाये
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मडावरा/ललितपुर। वात्सल्य पर्व रक्षाबंधन पर वर्णीनगर स्थित श्री महावीर विद्या विहार के परिसर में चातुर्मास आर्यिका 105 अंतरमति माता के ससंघ में चर्तुमास धर्म व विशेष पूजन आयोजित किया गया। जिसमें विशेष रूप से 700 अर्घ्य समर्पित किए गए।
श्रावण सुदी पूर्णिमा रक्षाबंधन के दिवस ही जैन धर्म के ग्यारहवें तीर्थंकर श्रेयांसनाथ का निर्वाण महोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। निर्वाण महोत्सव पर भक्तों ने निर्वाण लड्डू चढ़ाए। आर्यिका श्री 105 अंतरमति माता ने नगर की 108 बेटियों को संस्कारित कर उन्हें धर्मरक्षा के साथ जीवन में नैतिक संस्कारों को पल्लिवित करने का संकल्प दिलाया। आर्यिका ने कहा कि बेटियां अपने जीवन में संस्कारों को धारणकर जीवन को सफल बनाएं। संस्कारों के बीजारोपण के साथ-साथ बेटियों में धार्मिक संस्कारों का भी होना बहुत ही आवश्यक है। बेटियां धार्मिक संस्कारों को भूलती जा रही हैं। संस्कारों का बीजारोपण करने के लिए आचार्य श्रेष्ठ 108 विद्यासागर महाराज ने बेटियों को प्रतिभा स्थली की स्थापना करवाकर बेटियों के जीवन में संस्कारों का बीजारोपण करने का संकल्प संजोया है। इस दौरान राखी सजाओं प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें प्रथम नित्या जैन व कीर्ति जैन, द्वितीय चेतन जैन, तृतीय जैनिशा जैन रहीं। तत्पश्चात रक्षाबंधन का विशेष पर्व मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर रक्षा का संकल्प लिया। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल में सवाई सिंघई, धीरेंद्र सिंघई, प्रवक्ता रमेशचंद्र जैन, चक्रेश जैन, मनोज जैन, धर्णेंद्र जैन, विपिन जैन, अमन जैन रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में धर्मेंद्र सराफ, प्रदीप जैन, चेतन जैन, डॉ. राकेश सिंघई, नीलेश जैन व विभिन्न श्रद्घालु मौजूद रहे। उधर बानपुर में रक्षाबंधन पर्व दिगंबर जैन समाज ने 1008 भगवान श्रेयांसनाथ का मोक्ष कल्याणक मनाया। वक्ताओं ने कहा कि आज ही के दिन हस्तिनापुर नगर में विष्णु कुमार महामुनि के द्वारा एक सौ आठ अकंपनाचार्य आदि सात सौ मुनिराजों का उपसर्ग दूर किया था। साथ ही धर्म की रक्षा की थी। इससे ही आज के दिन से रक्षासूत्र बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है।
प्रतियोगिता में मौजूद जैन समाज के लोग- फोटो : LALITPUR