ललितपुर। बंगलुरू से नेपाल सीमा तक बस से जा रहे एक नेपाल निवासी एक युवक को गांव लखनपुरा के पास एक ढाबे पर हार्ट अटैक पड़ गया। परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
नेपाल के धनगढ़ी निवासी वीरेंद्र सिंह (35) पुत्र मानसिंह बंगलुरू में परिवार के साथ रहकर खाना बनाने का काम करता था। करीब एक माह से उसकी दिल में दर्द होने से हालत बिगड़ने लगी। जिस पर उसकी पत्नी सुनीता उसकी जगह खाना बनाने का काम करने लगी। बेटे की तबियत खराब होने की जानकारी मिलने पर उसे माता पिता ने वापस घर नेपाल बुलाया। जिस पर वह अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ बंगलुरू से बस से नेपाल जा रहा था। शनिवार रात को बस जनपद के ग्राम लखनपुरा स्थित एक ढाबे पर ठहरी, तभी अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। जिस पर परिजनों ने यह देख उसे बस से उतार लिया और निजी एंबुलेंस करके उसे नेपाल ले जाने लगे। रास्ते में ही उसकी हालत अधिक खराब हो जाने पर रविवार देर शाम एंबुलेंस चालक उसे ललितपुर जिला अस्पताल ले आया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल से जानकारी पर कोतवाली पुलिस ने सोमवार को उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृृतक की पत्नी सुनीता ने बताया कि पति को एक माह से हृदय की बीमारी थी। वीरेंद्र के माता पिता उसे देखना चाहते थे और उसे बुला रहे थे। वह मुंबई में रहने वाले अपने भाई व देवर के साथ पति को लेकर नेपाल जा रही थी कि रास्ते में उसकी हालत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतक का एक बेटा और एक बेटी है।