तालबेहट। क्षेत्र में दो दिन हुई बारिश से रविवार को नत्थीखेड़ा पुलिस चौकी की दीवार भी बारिश में गिर गई।
क्षेत्र में बारिश से मकान गिरने का आंकड़ा एक सौ के पार हो गया है। सबसे अधिक मकान ग्राम सभा खांदी और पूराकलां में गिरे हैं। वहीं मकानों गिरने से परेशान लोग आर्थिक सहायता के लिए तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। उपजिलाधिकारी अनिल कुुमार ने बताया कि लेखपालों से मकान गिरने का सर्वे कराया जा रहा है। जो भी शासकीय सहायता देय होगी उसे दिलाया जाएगा।
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जलभराव से किसानों के अरमान दफन
तालबेहट। मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में हुई बारिश का कहर सबसे अधिक क्षेत्र के जलभराव में खेती करने वाले किसानों पर हुआ। जलभराव में उनकी फसलें डूब जाने से उनके अच्छी फसल पैदा होने के अरमान भी दफन हो गए। जल भराव से उनकी खरीफ की फसल बर्बाद हो गई।
इसमें सबसे अधिक परेशानी नदी, नालों को किनारे एवं तालाबों, बांधों के भराव में खेती करने वालों को झेलना पड़ा। जलभराव होने के कारण उनकी फसलें पानी में डूब जाने से बेकार हो गई। वहीं काफी फसलें पानी के तेज बहाव में खेतों की उपजाऊ मिट्टी तक को बहा ले गईं। बारिश में कोटरा, गूगर, भरतपुरा, रजावन, थाना, वर्मा बिहार, कडेसराकलां, गेवरा गुंदेरा, उगरपुर, भैंसनवारा कलां, भैसनवारा खुर्द आदि गांवों के सैकड़ों किसानों के खेतों में जलभराव होने से उनकी फसलें बर्बाद हुईं --
जानवरों का चारा भी बह गया
रतिराम ने कहा कि बारिश से खेतों में जलभराव होने से पूरी फसल बर्बाद हो गई। सेनपाल ने कहा कि जलभराव होने से उड़द, मूंगफली के साथ साथ कई किसानों की अदरक की फसलें बर्बाद हो गई हैं। बैजनाथ ने बताया कि
बांधों से अचानक पानी छोड़े जाने से खेतों में जलस्तर बढ़ गया। जिससे वहां रखा जानवरों का चारा तक बह गया।