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विधायक जी देख तो लीजिये......कैसी सड़कों पर चलते हैं हम

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ललितपुर। सदर विधानसभा क्षेत्र में विकास के तमाम दावे किए जा रहे हैं लेकिन हकीकत खस्ताहाल सड़कें खुद में बयां कर रहीं हैं। आलम यह है कि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के संपर्क मार्गों तक का बुरा हाल है। इन सड़कों पर वाहन तो दूर पैदल निकलना भी दूभर हो रहा है। जबकि कुछ नदियों के पुल व रपटा भी क्षतिग्रस्त पड़े हैं। इस वजह से क्षेत्रीय जनता को लंबी दूरी तय कर अपने गांव जाना पड़ रहा है। शहर में संकरे पुल यातायात में बाधक बने हैं।
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झांसी से शहर आने वाला मार्ग निर्माणाधीन है जबकि अन्य कोई सड़क ऐसी नहीं जो गड्ढा मुक्त हो। घंटाघर मुख्य मार्ग तो पैदल चलने लायक भी नहीं रहा। इस मार्ग पर बारिश रुकने पर गड्ढों को भरवाने की कवायद की गई थी लेकिन बारिश में गड्ढे फिर हो गए। केंद्रीय विद्यालय को जाने वाले सिद्धन बाबा मार्ग पर करीब एक से दो फिट गहरे गड्ढे हो रहे हैं। इधर, वर्णी चौराहे से गोविंद सागर बांध को जाने वाले मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे हो रहे हैं।
बारिश से पहले ही सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गईं थीं। समय पर मरम्मत न होने से गड्ढों से बड़ा आकार ले लिया है। अब इन गड्ढों से चार पहिया वाहन तो दूर दो पहिया वाहनों की निकासी तक मुश्किल हो गई हैं। ऐसे में मरीज भी समय पर अस्पतालों तक नहीं पहुंच रहे हैं।
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शहर और ग्रामीण क्षेत्र के ये मार्ग हैं खस्ता
- जेल चौराहा से इलाइट चौराहा होकर मन्नू पेट्रोल पंप से हाईवे जाने वाले मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया का कार्य अधूरा पड़ा है। वहीं सड़क का काम भी धीमी गति से चल रहा है।
- ब्लॉक तालबेहट से जखौरा मार्ग का करीब सात साल पहले निर्माण किया गया था। सड़क की चौड़ाई व निर्माण कार्य से उम्मीद थी कि अब यातायात में सुधार होगा लेकिन डामर उखड़ने से सड़क पर गड्ढे हो गए और अब गिट्टी निकलने लगी हैं। कई बाइक चालक अचानक गड्ढों में आने पर गिर रहे हैं।
- कस्बा तालबेहट से पूराकलां मार्ग पर वाहनों से गुजरने पर लगातार हिचकोले खाने से चालक सड़क के बजाय फुटपाथ के कच्चे रास्ते से निकलते हैं। इससे सड़क पर लगातार धूल के गुबार उड़ रहे हैं।
- ब्लॉक तालबेहट के हंसार कलां से कैलगुवां जाने वाला प्रमुख मार्ग से करीब दो दर्जन से अधिक गांव जुड़े है, लेकिन यह सड़क पूरी तरह से खस्ताहाल हो गई है। इस मार्ग से गर्भवती व मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच रहे हैं।
- ब्लॉक मुख्यालय जखौरा से बांसी करीब बीस किमी का सफर में काफी समय बर्बाद होता है। इसी मार्ग से पीएचसी पहुंचने के लिए मरीजों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क कई जगहों पर दलदल बन गई है।
- ब्लॉक बार में तुर्का से भावनी मार्ग बारिश में पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो गया है। अब यहां से चार पहिया वाहनों का आवागमन जोखिम भरा साबित हो रहा है। वहीं बार से भावनी मार्ग की गिट्टी उखड़ने से दो पहिया वाहन भी नहीं निकल पा रहे।
- ब्लॉक मुख्यालय से दशरारा मार्ग मरम्मत के अभाव में खराब हो गया है। वहीं गदयाना से देवरान मार्ग के बड़े गड्ढों से चार पहिया वाहन तो दूर ट्रैक्टर भी निकालने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी इस सड़क पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
हजारिया- सारसेड़ का रपटा क्षतिग्रस्त
क्षेत्र में नदियों के पुल व पुलिया भी क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। तालबेहट के ग्राम हजारिया-सारसेड़ के मध्य शहजाद पर बना रपटा वर्षों पहले टूट गया था। उसके पाइप ही मौके पर पड़े हैं। लोग तीस किमी घूमकर जा रहे हैं। इधर, शहर के सुरईघाट के पास शहजाद नदी पर बना पुल वर्षों से टूटा पड़ा है। लोगों को पांच किलोमीटर की दूर घूमकर जाना पड़ रहा है।
सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने कहा कि विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि योजनांर्तगत क्षेत्र में 203 लाख रुपये से 3.38 किमी. सीसी सड़क, पेवर सड़क और नाली निर्माण कराया गया है। क्षेत्र में आठ पुलियों पर 48 लाख रुपये, महापुरुषों को समर्पित तीन द्वारों पर 30 लाख रुपये, 12 श्मशान घाटों पर 109 लाख रुपये, जिला अस्पताल (महिला) में 44 लाख की लागत से टीन श्ड और जिला अस्पताल पुरुष में 68 लाख से टीन शेड सहित कई कार्य कराए हैं। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड विकास निधि से 16 श्मशान घाटों का निर्माण 160 लाख रुपये, 40 लाख रुपये से चार रैनवसेरा का निर्माण, 48 लाख रुपये से आठ पुलियों का निर्माण, 1497.66 लाख रुपये से नगर व विभिन्न ग्रामों में 25 किमी सीसी सड़क, पेवर सड़क व नाली का निर्माण कराया। इसके अलावा त्वरित आर्थिक विकास योजना से 2018-19 में 499.77 लाख रुपये की लागत से 7.14 किमी सड़कों का निर्माण कराया गया। उन्होंने कहा कि सड़कों को गड्ढामुक्त कराने के लिए अभियान जल्द शुरू हो रहा है। झांसी से शहर आने वाला मार्ग उच्च गुणवत्तायुक्त बनवाया जा रहा है। जो सड़कें खस्ताहाल हैं उन्हें भी सही कराया जाएगा।
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बोले क्षेत्रवासी
शहर से केंद्रीय विद्यालय जाने वाले सिद्धन मंदिर मार्ग की दशा देखकर पता चल जाएगा कि क्षेत्र का किस तरह का विकास हुआ है। इस सड़क पर पैदल चलना मुश्किल होता है। -मुन्नालाल, स्थानीय निवासी
क्षेत्र में विकास की जिम्मेदारी विधायक की होती है लेकिन यहां दावे तो कई किए जा रहे लेकिन हकीकत कोई देखना नहीं चाह रहा है। सिद्धन मार्ग पर वाहन तो दूर पैदल निकलना भी मुश्किल हो रहा। -राघव राजा
घंटाघर से सागर और झांसी मार्ग पर इतने गड्ढे हो रहे हैं कि दो व तीन पहिया वाहनों का चलना दूभर हो रहा है। विधायक को इस लड़क को प्राथमिकता से बनवाना चाहिए। -महेश कुमार, घंटाघर मार्ग
विधायक जी देख लें कि शहर के वार्ड नंबर 15 की सड़क पर किस तरह से हम लोग आवागमन करते हैं। कच्ची पड़ी सड़क बनवाने के लिए पालिका के अफसरों तक ने आश्वासन दिया लेकिन स्थित जस की तस है।- अरविंद कुशवाह, पिसनारी बाग
विकास को लेकर जनप्रतिनिधि गंभीर नहीं हैं इसीलिए शहर क्षेत्र में पिसनारी बाग की सड़क खराब है। अभी भी समय है यदि इस पर ध्यान दिया जाए तो सड़क बन जाएगी। -रामबाबू,पिसनारी बाग
बांसी और तालबेट मार्ग की हालत काफी खराब हो गई है। भारी वाहनों के निकलने से सड़क पर गड्ढे हो गए हैं। इसके कारण लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। -चक्रेश जैन, ग्राम जखौरा
सदर विधायक से उम्मीद थी कि जखौरा वाजखौरा क्षेत्र का विकास होगा, लेकिन विकास तो दूर सड़कों की स्थित बदहाल हो गई है। इससे क्षेत्र के लोगों को परेशानी हो रही है। रेखा राजपूत, ग्राम जखौरा
जखौरा की सड़कों पर वाहन चलाना तो दूर पैदल निकलना भी मुश्किल हो रहा है। विधायक से उम्मीद थी कि वह अपनी सरकार में क्षेत्र की सड़कें बनवाएंगे लेकिन कुछ नहीं हुआ। रमेश राजपूत, ग्रामीण
विधायक ने क्षेत्र में कई बार दौरा किया और हर बार नए वादे किए लेकिन अभी तक उनका कोई वादा पूरा नहीं हुआ। अब शेष कार्यकाल में देखते हैं कि वह कितना काम करा सकेंगे। -सुरेश राजपूत, ग्रामीण

हजारिया सारसेड़ का क्षतिग्रस्त पुल- फोटो : LALITPUR

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