ललितपुर। न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में 11,515 मुकदमों (वाद) का न्यायिक अफसरों ने निस्तारण किया। इस दौरान करीब 5.90 करोड़ रुपये की समझौता धनराशि का निर्धारण हुआ। इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष, जिला जज चंद्रोदय कुमार सहित अन्य न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला जज चंद्रोदय कुमार द्वारा 12 वाद निस्तारित कर 42, 25,665 रुपये और अपर जिजा जज शबिस्ता आकिल द्वारा चार वाद निस्तारित किए गए। इसमें अपर जिला जज (एससी/एसटी एक्ट) नीतू यादव, अपर जिला जज (पॉक्सो विशेष) चंद्रमोहन श्रीवास्तव, अपर जिला जज (ईसी एक्ट) निर्भय प्रकाश,
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मेराज अहमद, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) डॉ. सुनील कुमार सिंह, सिविल जज (सीनियर डिवीजन-एफटीसी) अक्षयदीप यादव, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) प्रज्ञा सिंह, अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजनन-न्यूकोर्ट) सौरभ मंडलोई, सिविल जज (जूनियर डिवीजन-एफटीसी) गरिमा सक्सेना, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय महेश नौटियाल ने वाद सुने और उनका निपटारा कराया। इनके अलावा पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण शमशुल हक, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महरौनी सौरव सिंह, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) महरौनी सुरेखा, न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय तालबेहट यज्ञेश कुमार सोनकर ने वाद निपटाए। जिलाधिकारी एवं उनके अधीन न्यायालयों/विभागों द्वारा 8,503 वादों का निस्तारण कर 8,60,870 रुपये की समझौता धनराशि का निर्धारण किया गया। इस मौके पर नोडल अधिकारी/अपर जिला जज(ईसीएक्ट) निर्भय प्रकाश एवं प्राधिकरण के सचिव हरीश कुमार सहित अन्य न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
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चौदह साल बाद निपटा किराएदारी का मामला
सिविल जज सीनियर डिवीजन डॉ. सुनील कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय में 28 सिविल वाद, 63 लंबित पुलिस फाइनल रिपोर्ट एवं 94 शमनीय वाद निपटाए जा चुके हैं। इस न्यायालय से एक किराएदारी का 14 साल पुराना मामला निपटाया गया। जिसमें दुकान किराएदार हरीशंकर सोनी के आंसू रोके नहीं रुके। इसमें पैरवी अधिवक्ता कुशलचंद जैन ने की।
वादकारियों की समस्या सुनते जिला जज- फोटो : LALITPUR