खाद के लिए परेशान किसानों के साथ अब महिलाएं भी चौका चूल्हा छोड़कर दुकानों पर लाइनों में लग गई हैं। बुधवार को शहर के इलाइट से गल्ला मंडी रोड पर एलआईसी ऑफिस के पास स्थित एक दुकान पर खाद वितरण के दौरान किसी को ज्यादा और किसी को कम खाद देने का आरोप लगाते हुए महिलाओं ने सड़क पर जाम लगा दिया। हंगामा कर रहीं महिलाओं ने सड़क की मिट्टी उठाकर दुकान पर फेंकी। जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई और जाम लगाए महिलाओं को किसी प्रकार समझा बुझाकर जाम खुलवाया।
गल्ला मंडी रोड पर एलआईसी ऑफिस के पास खाद की दुकान पर बुधवार को काफी संख्या में महिलाएं चौका चूल्हा छोड़कर खाद लेने के लिए पहुंचीं। जहां खाद वितरण के दौरान एक ट्रैक्टर में अधिक खाद की बोरियां जाते देखकर महिलाएं आक्रोशित हो गईं और खाद वितरण में भेदभाव का आरोप लगाते हुए सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे तक महिलाएं सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन करती रहीं।
जानकारी मिलने पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और महिलाओं को समझाया बुझाया। जिस पर महिलाएं काफी देर तक नहीं मानी और सड़क से बजरी मिट्टी उठाकर दुकान में फेंकने लगीं। यह देख पुलिस ने थोड़ा सख्ती से उन्हें दुकान में मिट्टी फेंकने से रोका और फिर किसी प्रकार उन्हें एवं वहां मौजूद सभी किसानों को कागजातों के आधार पर ही खाद वितरण का भरोसा दिया, जिसके बाद किसी प्रकार कोतवाली प्रभारी से मामला शांत कराते हुए जाम खुलवाया, हालांकि खाद वितरण के दौरान पुलिस तैनात रही, ताकि कहीं कोई बवाल की स्थिति न बन सके।
गौना सहकारी समिति पर अध्यक्ष के आने से बिगड़े हालात
नाराहट क्षेत्र के गौना साधन सहकारी समिति पर खाद वितरण् के दौरान बुधवार को समिति के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने खाद वितरण के तरीके में बदलाव करवा दिया, इससे अव्यवस्था हो गई। आरोप है कि उन्होंने कुछ किसानों को वरीयता क्रम से खाद दिलवाना शुरू कराया तो लाइन में लगे किसानों में विरोध पनपने लगा। मामले की जानकारी लगते ही एसडीएम व सीओ मौके पर पहुंचे और व्यवस्था को ठीक कराते हुए खाद का वितरण कराया। हालांकि अध्यक्ष ने इस आरोप को गलत बताया।
नाराहट में फेंके किसान के जमा आधार कार्ड और फोटो कॉपी
नाराहट किसान साधन सहकारी समिति में दो दिन पहले से जमा किए जा रहे आधार कार्ड और फोटो कॉपी मैदान में फेंक दिए गए। यह देख किसानों ने उन्हें एकत्र करना शुरू किया। किसानों ने बताया कि दो दिन पहले अपने कागज जमा किए थे उनको भरोसा था कि जल्दी ही खाद मिल जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।