शहर में अब तक किराए के मकान में गुजर बसर कर रहे किराएदारों का खुद के घर में रहने का सपना जल्द ही पूरा हो सकेगा। जिला नगरीय विकास अभिकरण ने ग्राम पनारी में 927 आवास बनाने के लिए भूमि का चिन्हींकरण कर लिया है। इससे भूमिहीनों के लिए मकान बनवाने का रास्ता साफ हो गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में आवास की मुश्किल को देखते हुए नई योजना की शुरुआत की है। उसका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना रखा गया है। शहर में इसे प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी व ग्रामीण में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के नाम से जाना जाता है। वर्ष 2015 में इस योजना का शुभारंभ हुआ था। इसमें चार श्रेणियों में आवेदन प्राप्त किए जाते हैं। इनमें से एक एचपी श्रेणी में नगरीय क्षेत्र के कुल 1016 किराएदार और भूमिहीनों ने आवेदन किए हैं। नगर पालिका परिषद अंतर्गत सर्वाधिक 925 आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं, नगर पंचायत तालबेहट से 37, महरौनी से 23, नगर पंचायत पाली से 14 फार्म आए। नगर पालिका परिषद अंतर्गत शहर के निकटवर्ती ग्राम पनारी में भूमि की तलाश कर ली गई है।
यहां 2.31 हैक्टेयर क्षेत्र में मकानों का निर्माण किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी आवास विकास परिषद को दी गई है। पात्रता की श्रेणी में आए आवेदक घर दो कमरा, एक रसोईघर, स्नानागार व शौचालय से लैस होगा। इसकी लागत करीब साढ़े चार लाख रुपये आंकी गई है। इसमें ढाई लाख रुपये तक की छूट रहेगी, बाकी शेष धनराशि लाभार्थी को किस्तों में जमा करनी होगी। इसके मद्देनजर लाभार्थी को ऋण दिलवाया जाएगा। जिससे कि वह उसे औसान किस्तों में जमा कर सके। इस राशि के जमा होने के पश्चात लाभार्थी उस मकान का मालिक हो जाएगा।
नगर पंचायत वासियों को करना होगा इंतजार
नगर पंचायत के अंतर्गत रहने वाले किराएदार और भूमिहीनों को इस योजना का लाभ पाने के लिए इंतजार करना होगा। शर्त यह है कि जब तक क्षेत्र के ढाई सैकड़ा आवेदन प्राप्त नहीं होंगे तब तक कालोनी के लिए भूमि की तलाश नहीं की जाएगी। ऐसे में उन्हें लंबे समय तक किराए के मकान में ही जीवनयापन करना होगा।
भूमिहीन एवं निराश्रितों को मिलेेंगे आवास
नगरीय क्षेत्र में रहने वाले भूमिहीन और निराश्रितों को प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत मकान मुहैया कराए जाएंगे। ऐसे लोग कार्यालय में संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में शासन की मंशा पर ध्यान रखा जा रहा है।
पीयूष चंद्र राय, परियोजना अधिकारी डूडा