ललितपुर। बीते माह लगातार बारिश से नष्ट हुई फसलों का सर्वे अंतिम चरण में चल रहा है। सर्वे की रिपोर्ट इसी सप्ताह आने वाली है। इसमें नुकसान का आकलन किया जा सकेगा। बीमा धारक किसानों को फसलों के नुकसान का क्लेम दिया जाएगा। बिना बीमा के किसानों को आपदा राहत से सहायता राशि मुहैया कराई जाएगी।
जिले में 3.09 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसल की बुवाई का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन बुवाई सीजन शुरू होने के बाद बारिश नहीं होने से कुछ किसान बुवाई नहीं कर सके। कई क्षेत्रों में हल्की बारिश होने पर ही किसानों ने बुवाई कर दी। इस तरह लगभग 2,31,750 हेक्टेयर में लगभग बुवाई हुई है। इसमें अधिकांश क्षेत्रों में अगस्त माह की शुरूआत में हुई लगातार बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है। कई क्षेत्रों में बारिश न होने से नष्ट भी हो गईं थीं।
फसलों के नुकसान को लेकर जिला प्रशासन ने सर्वे के लिए टीम गठित कर सर्वे शुरू करा दिया था, जिसे लगभग एक माह बीत गया है। अधिकांश क्षेत्रों में सर्वे कार्य पूरा हो गया है। अंतिम चरण में सर्वे के बाद टीम रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर नुकसान का आकलन होगा। अधिकारियों के मुताबिक इसी सप्ताह में सर्वे की रिपोर्ट आ जाएगी।
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यह टीमें कर रहीं जांच
अगस्त माह की शुरूआत में हुई लगातार बारिश से खरीफ फसलों के नुकसान की जांच के लिए राजस्व विभाग, कृषि विभाग और फसल बीमा कंपनी की टीमों का गठन किया गया है। टीम में लेखपाल, कृषि विभाग के कर्मचारी और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि संयुक्त रूप से फसलों की सर्वे कर रहे हैं। सर्वे का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। रिपोर्ट आने के बाद फसलों के नुकसान की स्थिति स्पष्ट होगी।
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दस सिंतबर तक फसलों के नुकसान की सर्वे रिपोर्ट प्रशासन को देनी थी, सर्वे अंतिम चरण में चल रहा है। शीघ्र ही सर्वे रिपोर्ट मिलने पर नुकसान का आकलन होगा। जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
संतोष कुमार सविता, उप कृषि निदेशक