ललितपुर राहों पर भगवान महावीर के जयकारे लगाते हुए भक्त चल रहे थे। साथ ही णमोकार मंत्र का पाठ कर सभी जैन मंदिरों की वंदना कर श्रावक-श्राविकाएं पाप कर्मों से मुक्ति की भगवान से प्रार्थना कर रहे थे। कुछ ऐसा ही नजारा रविवार को शहर की सड़कों पर नजर आया। पर्यूषण पर्व के अंतिम दिवस श्रावकों ने उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना की। साथ ही जैन मंदिरों में अनंत चर्तुदशी के मौके पर भगवान वासुपूज्य का निर्वाण लाडू चढ़ाया गया।
इस मौके पर आर्यिका आदर्शमति माता ने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति के दुष्परिणाम समाज के लिए घातक हैं, इससे हमारी संस्कृति और भावनाओं का हृास हो रहा है। उन्होंने भ्रूण हत्या पर चिंता जताते हुए कहा कि यह समाज के लिए अभिशाप है इसे रोकने के लिए प्रतिभास्थली के माध्यम से जो शंखनाद हुआ है इससे बालिकाओं को जहां सुसंस्कार मिलेंगे। वहीं गर्भपात भ्रूण हत्या जैसी विकृति समाज से दूर होगी। इस मौके पर भूण हत्या जैसी दूषित प्रवृत्ति के विरुद्ध संकल्प दिलाया।
धर्मसभा में आर्यिका दुर्लभमति माता, आर्यिका अनुभवमति, आर्यिका अधिगममति, आर्यिका श्वेतमति माताजी के सानिध्य में तत्वार्थ सूत्र का वाचन किया गया। अर्घ्य समर्पण अनिल जैन परिवार ने किया। ध्वजारोहण जैन पंचायत महामंत्री डॉ अक्षय टडैया, प्रकाश चंद सतरवांस परिवार ने किया। इस मौके पर आमंत्रित विद्वान ब्रह्मचारी मनोज भैया, डॉ. पलक गोयल, पं. गुलाब चंद शास्त्री, पं. राजकुमार शास्त्री, पं. शीतल प्रसाद जैन, अनिद्ध एवं समग्र का सम्मान किया गया।
उधर, आदिनाथ जैन बड़ा मंदिर की धर्मसभा में मंगलाचरण राखी जैन द्वारा गुरू भक्ति पूर्वक किया गया। जैन पंचायत अध्यक्ष अनिल जैन अंचल ने आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के आर्शीवाद से ललितपुर में आर्यिकारत्न आदर्शमति माता के ससंघ चातुर्मास को प्रभावना पूर्वक बताते हुए कहा इसमें स्थापित होने वाली प्रतिभास्थली से बुंदेलखंड की बालिकाओं में जो संस्कारों का बीजारोपण होगा,वह युगों-युगों तक स्मरणीय रहेगा। पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद इमलिया ने आचार्य श्री के आर्शीवाद से संचालित गोशाला और प्रतिभास्थली के लिए वरदान बताया। मंदिर प्रबंधक मोदी पंकज जैन ने क्षेत्रपाल मंदिर में भक्तामर पाठ एवं निर्माणाधीन अद्वितीय मंदिर निर्माण की प्रगति से अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री डॉ. अक्षय टडैया द्वारा किया।
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गाजे बाजे के साथ क्षेत्रपाल मंदिर पहुंची आर्यिकाएं
रविवार सुबह आदिनाथ मंदिर बड़ा मंदिर से आर्यिका श्वेत मति एवं विदेह मति, चंद्रप्रभु मंदिर डोड़ाघाट से आर्यिका अधिगम मति, अनर्गमति माता, बाहुबली नगर जैन मंदिर से अनुभवमति, परमार्थमति एवं जैन अटामंदिर से आर्यिका दुर्लभमति माता जी ससंघ गाजे बाजे के साथ नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए अतिशय क्षेत्र क्षेत्रपाल मंदिर पहुंची जहां उन्होंने आर्यिका आदर्शमति माता के दर्शन कर पुर्ण्याजन किया। जिनकी व्यवस्थाओं में धार्मिक आयोजन समिति के संयोजक मनोज बबीना, राजेंद्र जैन थनवारा, कपूरचंद लागौन,भगवानदास कैलगुवा, अजित जैन गदयाना, अकलंक जैन, प्रकाश चंद सौरया, निर्मल कुमार जैन, प्रमोद जैन, प्रभात जुटे रहे। मध्यान्ह में नगर के जैन अटामंदिर, नया मंदिर बडा मंदिर, वहुवलि नगर नईवस्ती, आदिनाथ मंदिर, चंद्रप्रभु मंदिर, डोड़ाघाट, शांतिनगर मंदिर, गांधीनगर इलाइट जैन मंदिर, सिविल लाइन जैन मंदिर में श्री जी का अभिषेक हुआ।
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पंचायत साधर्मीजनों को करेगी सम्मानित
जैन पंचायत के मीडिया प्रभारी अक्षय अलया ने बताया कि साधर्मीजन जिन्होंने पर्यूषण पर्व में 5 या उससे अधिक उपवास किए हैं, उनको आर्यिका मां आदर्शमति माता जी के ससंघ सानिध्य में दिगंबर जैन पंचायत उनके पुण्य की अनुमोदना कर सम्मानित करेगी।
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शोभायात्रा में झूमे भक्त
जाखलौन। कस्बे के दिगंबर जैन चंद्र प्रभु जिनालय से शोभायात्रा निकाली गई। इसके साथ ही भगवान वासुपूज्य स्वामी का निर्वाण कल्याणक मनाया गया। कार्यक्रम में सुरेश चंद्र मोदी, आशीष कुमार इजारदार ,प्रमोद सिंघई, संजय सिंघई,राजीव कुमार,अभय कुमार बुखारिया, अशोक कुमार, सुरेश चंद्र सिंघई,संस्कार ब्या, विनय कुमार ,सुनील कुमार, अनिल कुमार, प्रमोद कुमार, संतोष कुमार चौधरी, सुनील कुमार मौजूद रहे। संवाद
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ब्रह्मचर्य का अर्थ आत्मा में रहना
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महरौनी। अनंत चतुर्दशी पर सुबह भगवान जिनेंद्र का अभिषेक पूजन किया गया। आर्यिका रत्न विज्ञान मति माता ने कहा कि ब्रह्मचर्य का मतलब अपनी आत्मा में रहना है। शाम को जिनेंद्र भगवान की आरती की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष कोमल चंद्र सिंघई , प्रमोद सिंघई, रतन चंद डोगरया, अनिल मिठया, प्रकाश सिंघई,प्रदीप चौधरी, ऋषभ कठरया,जिनेश मलैया,प्रशांत सिंघई , सतेंद्र सिंघई, अजीत,आमोद चौधरी,सतीश सिंघई, मुकेश सराफ, राजेश, नितिन शास्त्री, सुनील,प्रवीण सिंघई, आकाश चौधरी,मंटू, आशू,गौरव,आशीष,अभिषेक सिंघई, सौरभ सिंघई,प्रिंस,अनिल पोली, सर्वज्ञ गोयल,शुभम, आकर्ष, हैप्पी मोदी मौजूद रहे।
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नोट- मडावरा से खबर आने पर भेजी जाएगी।
शांतिधारा देख कर हर्षित हुए श्रद्धालु
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पुलवारा। कस्बा बार स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में श्रीजी की शांतिधारा, नित्य अभिषेक और दुग्धाभिषेक का वृहद आयोजन किया गया। बाद में वासुपूज्य भगवान के मोक्ष कल्याणक व अनंत चतुर्दशी के उपलक्ष्य में श्रीजी का पंचामृत अभिषेक हुआ। शांति धारा अश्विनी कुमार जैन, रितिक जैन, संकेत कुमार जैन एवं गोलू जैन ने किया। वृृहद शांति धारा का वाचन पंडित दयाचंद्र शास्त्री ने किया। पर्व के समापन के बाद समाज के लोगों ने अपने से बड़े-छोटों से क्षमायाचना की।
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गृहस्थ साधिका विद्या जैन की हुई समाधि
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ललितपुर। पर्वराज दशलक्षण के दौरान गृहस्थ श्राविका विद्या जैन का 37 वर्ष की अवस्था में आचार्य विद्यासागर महाराज के आशीर्वाद एवं आर्यिकारत्न आदर्शमति माता जी के ससंघ सानिध्य में समाधिपूर्वक देह परिवर्तन हुआ। श्राविका विद्या जैन ने अंतिम समय में सभी प्रकार के परिग्रह का त्याग कर गुरू की शरण में अंतिम सांस ली। इस दौरान आर्यिकारत्न आदर्शमति माता, आर्यिकारत्न दुर्लभमति माता एवं संघस्थ आर्यिकाओं का अंतिम समय आशीर्वाद उनके साथ रहा। मैनपुरी जिला अंतर्गत करहल निवासी विद्या जैन धर्मपत्नी वैभव जैन विगत दिनों से कैंसर से पीड़ित रहीं। उन्होंने तिलवाराघाट जबलपुर में विराजमान संत शिरोमणि आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर जी महाराज के दर्शन कर समाधि की भावना के साथ आशीर्वाद लिया और जिले में विराजमान आर्यिकारत्न आदर्शमति माता के सानिध्य में समाधि साधना ग्रहण की। श्रावकों ने क्षेत्रपाल मंदिर में पहुंच कर उनके अंतिम दर्शन किए। सायंकाल श्राविका विद्याजैन का पार्थिव शरीर इलाइट चौराहे स्थित साधु समाधि स्थल पर ले जाकर अग्नि को समर्पित किया गया।
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मोक्ष कल्याणक महोत्सव में झूमे श्रावक
फोटो सहित क्रमांक - 6,7
कैप्सन - 6- पवागिरि मंदिर में पूजन करते श्रद्धालु
7- जल विहार से श्रीजी को मंदिर वापस लाते भक्त
तालबेहट । सिद्ध क्षेत्र पावागिरि सहित कस्बे के दोनों जैन मंदिर में पर्यूषण पर्व के अंतिम दिन जिनेंद्र देव की पूजन अर्चना के साथ भगवान वासुपूज्य स्वामी का निर्वाण महोत्सव उमंग उल्लास के साथ मनाया गया। मंदिर में शिखरों पर ध्वजारोहण के उपरांत मूलनायक वासुपूज्य स्वामी का वार्षिक महामस्तकाभिषेक किया गया। इसके बाद कलशाभिषेक का कार्यक्रम संपन्न हुआ। सायंकाल महाआरती हुई। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम में फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता के अंतर्गत प्रतिभागियों ने बहुत ही सुंदर प्रस्तुति दी। इस मौके पर मंदिरों में जैन समाज के लोग मौजूद रहें।
उधर, कड़ेसराकलां में पर्यूषण पर्व के अंतिम दिन सिद्ध क्षेत्र पवागिरी में हर्ष और उत्साह से मनाया गया। जिसमें भक्तों ने भगवान का पूजन किया। इस मौके पर प्रीतेश पवैया, अभय कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, वीरेंद्र कुमार बिरधा, शिखर चंद खजुराहो, राजकुमार, ज्ञानचंद्र जैन, आनंद कुमार, विशाल, निम्मन जैन, अक्षत, अमन मौजूद रहे।
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भव्य विमानों के साथ नगर में निकली शोभायात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
मड़ावरा। दशलक्षण महापर्व के समापन पर उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के साथ-साथ अनंत चतुर्दशी का पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। जिनालयों से श्रीजी को भव्य विमानों में सुशोभित कर नगर में शोभायात्रा निकाली गई। महावीर विद्याविहार में दशलक्षणों का व्रत पालन करने वाले श्रावकों-श्राविकाओं आदि को सम्मानित किया गया।
धर्मसभा में आर्यिकाश्री अंतरमति माता ने कहा कि आत्मरमण का नाम ही ब्रह्मचर्य है। महावीर विद्याविहार के परिसर में प्रातकाल दैनिक नित्य क्रियाओं में श्री जी का अभिषेक, शांतिधारा संपन्न हुई। शांतिधारा घनश्यामदास, आलोक कुमार, अभिषेक जैन डोंगरा, प्रवीण कुमार, नितिन कुमार, विपिन कुमार सीए, शनि सौंरया परिवार, विनोद कुमार, अंकित जैन, अजित कुमार, अंकुर कुमार, कमलेश कुमार, मनोज कुमार परिवार ने किया। निर्वाण लाडू सवाई सिंघई, धीरेंद्र जैन, सुनील कुमार, कंछेदी जैन, सुनील कुमार, अनिल जैन, प्रमोद कुमार, धर्मेंद्र कुमार, भूपेंद्र कुमार ने चढ़ाया। आचार्य विद्यासागर संस्कार वर्णी पाठशाला की प्रधानाचार्या ममता जैन के निर्देशन में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राकेश सिंघई ने किया।
आज करेंगे पारणा
चातुर्मास समिति के महामंत्री डॉ. राकेश सिंघई ने बताया कि सोमवार को दशलक्षण पर्व के अवसर पर उपवास करने वाले श्रावक, श्राविकाओं का पारणा आर्यिका अंतरमति माता के सानिध्य में श्री महावीर विद्या विहार में संपन्न होगा।
कैप्सन - 6- पवागिरी में पूजन करते श्रद्धालु 7- जल विहार के बाद श्रीजी को मंदिर वापस लाते भक्त्- फोटो : TALDEHATE