ललितपुर। भारतीय किसान यूनियन व संयुक्त किसान मोर्चा ने शनिवार को लखीमपुर खीरी कांड के विरोध में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आदि का पुतला फूंकने का आह्वान किया था। पुलिस प्रशासन ने पुतला दहन रोकने के लिए किसानों नेताओं के घरों में पुलिस का पहरा बैठा दिया। किसी भी किसान नेता को घर से बाहर नहीं निकलने दिया। इसके अलावा शहर के प्रमुख चौराहों पर भी पुलिस ने नजर रखी ताकि कहीं चुपके से कोई पुतला न फूंक दे।
लखीमपुर खीरी कांड और किसान विरोधी कानून को लेकर किसान गुस्से में हैं। इसके विरोध में लगातार प्रदर्शन चल रहे हैं। किसान यूनियनों ने भी आरोपी मंत्री बर्खास्त करने की मांग की है। केंद्र सरकार ने अभी तक उसे नहीं हटाया है। इसके विरोध ने किसान यूनियनों ने प्रदर्शनों का एलान किया है।
भाकियू टिकैत और संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशन पर जिला मुख्यालय से लेकर तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों पर 16 अक्टूबर को प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री के पुतला दहन करने के निर्देश दिए गए थे। भाकियू व संयुक्त किसान मोर्चा नेतृत्व में इसकी तैयारी कर ली गई थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन पर क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी भी दलबल के साथ तैयार थे। शनिवार को 19 किसान नेताओं के साथ तीन अन्य नेताओं समेत 22 लोगों के घर पर पुलिस का पहरा सुबह चार बजे ही लग गया और सभी नजरबंद हो गए। इससे कोई भी किसान नेता विरोध प्रदर्शन व पुतला दहन नहीं कर सके।
इन नेताओं को घरों में कैद रखा गया
जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह, प्रदेश सचिव लाखन सिंह पटेल, मंडल उपाध्यक्ष कीरत बाबा, जिला उपाध्यक्ष पहाड़ सिंह, जिला महासचिव शब्बीर मंसूरी, तालबेहट तहसील अध्यक्ष रामकिशन, तहसील अध्यक्ष मड़ावरा धन सिंह कुशवाहा, ब्लॉक अध्यक्ष जखौरा मलखान सिंह समेत 22 पदाधिकारियों को घर पर नजरबंद किया गया।
बार ब्लाक अध्यक्ष के घर मौजूद पुलिस- फोटो : LALITPUR
तालबेहट भाकियू अध्यक्ष के घर पर लगा पुलिस का पहरा- फोटो : LALITPUR
भाकियू जिलाध्यक्ष रंजीत यादव के घर मौजूद पुलिस- फोटो : LALITPUR