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किसान को मौत ने खोल दिए मंत्री व प्रशासन के दावों की पोल

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ललितपुर। प्रदेश के राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ और अफसरों के आश्वासन के बाद भी किसानों को खाद के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। आलम यह है कि तीन दिन से जरूरत के मुताबिक खाद न मिलने पर किसान धरना प्रदर्शन कर रहे, लेकिन उन्हें आश्वासन ही दिए जा रहा है। इसी का नतीजा रहा कि शुक्रवार को एक किसान की खाद में लाइन में लगे रहने के दौरान मौत हो गई। हैरत की बात तो यह है कि एक ओर जहां किसान की मौत पर परिजन आंसू बहा रहे थे, वहीं शहर के एक होटल में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य ए के शर्मा युवा किसान संवाद में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का बखान कर रहे थे। उन्होंने मौके पर जाकर परिजनों को ढांढस बंधाना भी मुनासिब नहीं समझा।
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खरीफ की फसल बर्बाद होने के बाद किसानों को उम्मीद थी कि रबी की फसल में स्थिति सुधर जाएगी। डीजल मंहगा होने पर पलेवा की चिंता भी भगवान ने दूर करते हुए बारिश कर दी। खेत तैयार होने पर जब बुवाई की तैयारी की तो डीएपी का संकट खड़ा हो गया। किसान सुबह से ही दुकानों पर लाइनें लगाकर खड़े हो गए, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिली। विरोध प्रदर्शन और जाम लगाने के बाद चेते प्रशासन ने गैर जनपदों में खाद न जा सके इसके लिए सीमा सील कर दी। बुधवार देर शाम राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ, सदर विधायक रामरतन कुशवाह ने डीएम सहित अफसरों के साथ बैठक कर खाद वितरण में पारदर्शिता लाने के निर्देश देते हुए कहा था कि किसान परेशान न हों, सुबह से दुकानों पर निर्धारित दरों पर खाद मिलेगी, लेकिन नतीजा सिफर रहा। बृहस्पतिवार को भी किसानों को धरना प्रदर्शन करना पड़ा। कुछ स्थानों पर खाद वितरित भी की गई लेकिन किसान को जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिली। शुक्रवार को पूरे जिले में किसान सड़कों पर आ गए और शहर क्षेत्र में किसान भोगीलाल की खाद के लिए लाइन में लगे रहने के दौरान मौत हो गई। हैरत की बात तो यह है कि किसान की मौत की खबर मिलने के बाद भी जनप्रतिनिधियों ने मौके पर जाकर उसके परिजनों को ढांढस बधाना भी मुनासिब नहीं समझा। इधर, शहर के एक होटल में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य एके किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं के संदर्भ में किसानों से परिचर्चा करते हुए केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का गुणगान करते रहे।
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