राहत राशि की जानकारी लेने के लिए तहसील में घूमता दिव्यांग कृषक
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महरौनी (ललितपुर)। कुदरत की मार से बेहाल किसानों की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। अतिवृष्टि से बर्बाद हुई खरीफ की फसल का मुआवजा देने की घोषणा होने के बाद किसानों से नकल खतौनी, आधार कार्ड, पास बुक की छायाप्रति लेकर लेखपालों ने फीडिंग करा दी, लेकिन उनके खाते में अभी तक कोई धनराशि नहीं आई है।
करीब एक माह से किसान तहसील के चक्कर काट रहे हैं। आलम यह है कि राहत राशि पाने के लिए किसान सुबह से ही तहसील में लेखपालों और बैंकों के चक्कर लगाने लगते हैं। तहसील स्तर तक भागने में किसानों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
बैंकों में आए दिन किसानों की भीड़ राहत राशि के बारे में पता करने के लिए लगी रहती है। किसानों का कहना है कि खरीफ की फसल बर्बाद होने के बाद वह कर्ज में डूबे हैं। महंगाई के दौर में लागत काफी लग रही है। अगर समय पर मुआवजा की धनराशि मिल जाए तो उन्हें काफी राहत मिलेगी। किसान अब मुख्यमंत्री से समय पर राहत राशि दिलाए जाने की मांग कर रहे हैं।
इस बारे में उपजिलाधिकारी अमित कुमार भारती ने कहा कि तहसील में जो फीडिंग का काम चल रहा था, वह सब निपट गया है। अब चार पांच दिन में सभी किसानों को राहत राशि प्राप्त हो जाएगी।