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जांचों में उलझे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी

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hospital 1.jpg - फोटो : hospital 1.jpg
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ललितपुर। स्वास्थ्य विभाग अपने अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यप्रणाली के चलते जांच में उलझा रहता है। इनमें कई अधिकारी बिना कुटेशन टेंडर के खरीद फरोख्त करने के मामले में तो कई अपने कार्यों के चलते वायरल ऑडियो जैसी जांचों में फंसे हैं। इसमें कुछ जिला प्रशासन व कुछ शासन स्तर पर चल जांचें चल रहीं हैं।
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शासन द्वारा लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग को करोड़ों रुपये का बजट जारी किया जाता है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित किया जा सके, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इसके उपयोग में वित्तीय अनियमितताएं बरतने से बाज नहीं आते हैं। जबकि, मामलों में शिकायतों के बाद लगातार जांच बैठ रहीं हैं। इसमें अधिकारियों से लेकर कर्मचारी तक इसकी जद में आ रहे हैं। इसके बाद भी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हो पा रहा है, इससे विभागीय कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
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बीते दो वर्ष पहले हुई थी एक करोड़ सत्तासी लाख की वित्तीय अनियमितताएं
स्वास्थ्य विभाग में बीते दो वर्ष पहले ऑडिट में एक करोड़ सत्तासी लाख रूपये की वित्तीय अनियमितताएं बरतना पाया गया था। इस पर शासन द्वारा मामले की जांच जिला प्रशासन से कराने व पैसों की रिकवरी के आदेश दिए गए थे। जिसकी जांच जिला प्रशासन द्वारा की गई थी, जिसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
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बिना टेंडर कुटेशन के खरीद की जांच
बीते वर्ष स्वास्थ्य विभाग में एनसीडी सेल व स्टेट बजट में बिना टेंडर कुटेशन के खरीद की। इसमें कई वस्तुएं अधिक दामों में खरीद कर डाली है। मामले में तत्कालीन जिलाधिकारी ने शासन को पत्राचार किया था, इसके बाद मामले की शासन द्वारा जांच की जा रही है। इस जांच में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के कई अधिकारी व कर्मचारी जद में हैं।
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तत्कालीन सीएमओ की रोकी गई पेंशन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में वित्तीय अनियमिताएं व अन्य लापरवाही का खामियाजा सेवा निवृत्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भुगतना पड़ रहा है। मामलों की लगातार जांच की जा रही है। जांच के चलते पूर्व सीएमओ की पेंशन का भुगतान नहीं हो पा रहा है। साथ ही कई अधिकारी लगातार लखनऊ जांच में बयानों व अपना पक्ष लेकर पहुंच रहे हैं।
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पैसेे की मांग करने व लेने के वीडियो की जांच
तमाम अनियमितताओं की जांच के बाद भी कर्मचारी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं कर रहे हैं। सीएचसी तालबेहट में कई स्टाफ नर्सों के प्रसव के नाम पर पैसे लेने के वीडियो वायरल हो चुके हैं, इसमें अधिकारियों द्वारा स्थानांतरण मात्र से ही इतिश्री कर ली जाती है। इससे इन कृत्यों पर रोक नहीं लग पा रही है।
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वेतन निकासी के वायरल ऑडियो की जांच
बीते दिनों पैसों की मांग का एक नया ऑडियो वायरल हुआ है। इसकी एक भाजपा के पदाधिकारी द्वारा शिकायत की गई थी, इस पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए जांच को अपर जिलाधिकारी को सौंपी है। इसमें पीड़िता के बयान हो चुके हैं। साथ ही एक अन्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के बयान भी हो चुके हैं।
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विभाग में विभिन्न मामलों की जांच चल रही है। जांच के बाद मामला सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. जीपी शुक्ला
मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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