ललितपुर। नगर पालिका परिषद द्वारा हटाए गए 300 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से स्वच्छता व्यवस्था गड़बड़ा गई है। यहां पर कई मोहल्लों में नियमित सफाई नहीं हो सकी। कुछ गलियों में तो झाड़ू तक नहीं लग पाई है, कूड़ा भी नहीं उठा। वर्तमान में संक्रामक बीमारियों का मौसम चल रहा है। मोहल्लावासियों का कहना है कि वार्डों में नियमित सफाई कराई जाए।
नगर पालिका परिषद के 26 वार्डों में 579 सफाई कर्मचारी कार्यरत थे। इनमें 68 स्थायी सफाई कर्मचारी, संविदा पर 211 और आउटसोर्सिंग के 300 कर्मचारी थे। जो वार्डों में नियमित रूप से सफाई कार्य करते थे लेकिन बीते दिनों नगर पालिका परिषद द्वारा आउटसोर्सिंग के 300 कर्मचारियों को हटा दिया गया है। इन कर्मचारियों के हटने से शहर की स्वच्छता व्यवस्था धड़ाम हो गई है। शनिवार को विभिन्न वार्डों में कई गलियों में सफाई नहीं की गई। कई गलियों में कचरा उठान तो दूर रास्तों पर भी झाडू नहीं लग पाई है।
सफाई व्यवस्था को लेकर शहरवासियों का कहना है कि वर्तमान में मौसम में परिवर्तन हो रहा है। बारिश के सीजन के चलते नालियों व खाली प्लाटों में जलभराव और गंदगी जमा बनी हुई है। ऐसे में नियमित सफाई न होने से संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। जिम्मेदारों को नियमित सफाई कराना चाहिए।
बीमारियों से बचाव के लिए साफ-सफाई अधिक आवश्यक है। सफाई को लेकर विशेष ध्यान रखना चाहिए, जिससे सभी स्वस्थ रह सकें। मनोज कुशवाहा
मोहल्ले की गलियों में सफाई नहीं हुई है। इससे गलियों में कचरा पड़ा हुआ है। नगर पालिका को सफाई पर अधिक जोर देना चाहिए। मोनू
वर्तमन में मौसमी बीमारियों का खतरा बना हुआ है। ऐसे में साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त न रखना लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। राहुल कुशवाहा
एक ओर बीमारियों से बचाव के लिए घरों के आसपास सफाई रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। लेकिन कर्मचारी हटने से गंदगी फैलने का भय बना हुआ है। राहुल अहिरवार