तालबेहट। मध्य प्रदेश में हो रही बारिश का असर माताटीला बांध और जनपद में पांच दिन से हो रही बारिश का असर क्षेत्र के सुकुवां-ढुकुवां और शहजाद बांधों पर दिखा। बांधों में जलस्तर बढ़ गया। सुकुवां-ढुकुवां बांध से पानी गिरने के कारण पूराविरधा से बबीना मार्ग को बंद कर दिया गया।
मध्य प्रदेश के भोपाल और विदिशा के आसपास के जनपदों में होने वाली बारिश का पानी राजघाट बांध से माताटीला बांध में आता है। इसके अलावा आसपास के कुछ नाले भी माताटीला बांध में गिरते हैं। जिन पर बांध का जलस्तर निर्भर रहता है। एक सप्ताह पहले माताटीला बांध काफी खाली था। उसका जलस्तर 992.5 फीट था लेकिन लगातार 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश में बांध का जलस्तर सोमवार को सायंकाल पांच बजे एक हजार फीट को पार कर चुका था। माताटीला बांध प्रखंड के अवर अभियंता जीके मौर्या ने बताया कि बांध का जलस्तर जब एक हजार सात फीट से ऊपर होगा तब बांध के गेट खोले जाएंगे।
वही सुकुवां-ढुकुवां बांध में पानी का स्तर बढ़ गया। दोपहर बाद बांध से पानी का गिरना शुरू हो गया। जिसके बाद थाना पूराकलां पुलिस ने बबीना पूराविरधा मार्ग पर पत्थर रखवा कर उसे बंद करवा दिया। वहीं तहसील क्षेत्र में बने शहजाद बांध में भी पानी का स्तर बढ़ गया। लेकिन बांध के गेट नहीं खोले गए थे।
सैलानियों को है गेट खुलने का इंतजार
तालबेहट। आसपास के जनपद के सैलानी बांधों से गिरने वाले पानी के विहंगम दृश्य को देखने के लिए उत्साहित रहते हैं। बारिश के बाद गेट खुलने की आशा में कई सैलानी सोमवार को माताटीला पहुंचे लेकिन गेट न खुलने से उन्हें मायूस होना पड़ा।
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मानसरोवर तालाब हुआ लबालब
तालबेहट। मूसलाधार बारिश से हर जगह पानी पानी नजर आ रहा है। नगर के मानसरोवर में लगातार हो रही बारिश से पानी का स्तर बढ़ गया। जिसके बाद ओने के पुल से पानी का गिरना शुरू हो गया। जिसके विहंगम दृश्य को देखने के लिए बारिश में भारी संख्या में लोग देखने पहुंचे।
राजमार्ग पर शहजांद बांध के भराव में स्थित सिद्ध क्षेत्र देवामाता मंदिर भी मूसलाधार बारिश की चपेट में आ गया। पानी का स्तर बढ़ने के कारण मंदिर के बाहर लगी दुकानों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया। पानी भरने से मंदिर जाने वाले दर्शनार्थियों को परेशानी उठानी पड़ी।
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बारिश में उफनाए नदी, नाले, परेशानी बढ़ी
ललितपुर/कारीटोरन। बीती रातसे लगातार हो रही बारिश से नदी, नाले उफना गए हैं। इससे बांधों के जलस्तर में सुधार हुआ है। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश सड़कों पर बारिश का पानी भर गया है। सड़कें ताल, तलैया की तरह दिखाई दे रही हैं। इस कारण आवाजाही में लोगों को परेशानी हो रही है।
बीती रात से लगातार हो रही बारिश से नदी, नाले उफान पर हैं। ब्लॉक बार के ग्राम कारीटोरन स्थित इंग्लिश मीडियम स्कूल में बारिश से पेड़ उखड़कर गिर गया है। गनीमत यह रही कि उस समय उस पेड़ के नीचे कोई नहीं था। इससे कोई क्षति नहीं हुई। स्कूल की इमारत में पानी टपक रहा है। नई बस्ती के रास्ते में बनी पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे सड़क पर बारिश का पानी वह रहा है। पूरे रास्ते में कीचड़ हो गया है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह बारिश होती रही तो स्कूल की इमारत गिर सकती है।
ब्लॉक जखौरा के ग्राम पाचौनी में बारिश से सड़क पर पानी भर गया है। ऐसे में राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम चीरा से पाचौनी बाया बार को जोड़ने वाली सड़क का बुरा हाल हो गया है। इस सड़क पर जगह-जगह पानी भरा हुआ है। ग्राम पाचौनी के किनारे से निकली शहजाद नदी पुल के ऊपर से बह रही है। हालांकि, पुल पर पानी कम है लेकिन लोगों को नदी का और जलस्तर बढ़ने का भय सता रहा है, जिससे राहगीर नदी के पुल को पार करने से कतरा रहे हैं। वहीं, ग्राम बरखिरिया, कारीटोरन, इमलिया से निकला बरुआ नाला भी उफान पर है। इस तरह ग्राम चीरा का तालाब भी लबालब हो गया है। गाइयाघाट पर नदी का पानी पुल से सटकर निकल रहा है। लगातार हो रही बारिश से सजनाम नदी का पानी पुल के ऊपर कभी भी आ सकता है, स्थानीय लोग ऐसी आशंका जाहिर कर रहे हैं।
कचनौदा बांध से निकली नदी में बहता पानी- फोटो : LALITPUR