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बारिश से खेतों में हो रहे जलभराव से फसलों पर संकट

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कैप्सन - 10 - बौलारी चौराहे पर जल भराव से गुजरती बाइक 11-जल भराव के मध्य जाती कार 12 - खाली प्लांट में भरा ? - फोटो : TALDEHATE
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फललितपुर। कुदरत के कहर से किसान परेशान हैं। खरीफ की बुवाई के लिए जब पानी की जरूरत थी तब खेत सूखे रहे और जब किसी तरह खेतों में बुवाई के बाद बीज में अंकुर फूटे तो बारिश से खेतों में पानी भर गया। ऐसे में खेत में फसल के खराब होने की संभावना से किसान चिंतित हैं।
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खरीफ की फसल की बुवाई जून माह के दूसरे सप्ताह बाद शुरू हुई, लेकिन बारिश न होने से किसानों की बुवाई की तैयारियां धरी की धरी रह गईं, ऐसे में कई किसानों ने सूखे खेतों में ही बुवाई कर दी। हल्की बूंदाबांदी के बीच कुछ क्षेत्रों में बीज अंकुरित हो गए और बच गए। कुछ क्षेत्रों में बारिश के अभाव में सूखकर नष्ट हो गए। अच्छी फसल होने की उम्मीद लेकर दोबारा बीज डालकर बुवाई कर दी। वहीं बारिश की उम्मीद में बुवाई को बैठे किसानों को अब लगातार बारिश होने से झटका लगा है। अब खेतों में मिट्टी अधिक गीली होने से बुवाई नहीं कर पा रहे हैं और बुवाई से वंचित हो गए हैं।
रविवार की रात से तेज हवाओं के साथ हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। वहीं किसानों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। बारिश से सबसे अधिक नुकसान जलभराव वाले खेतों में रहता है। फसल लगातार पानी में डूबने से खराब हो जाती है। वहीं, बुवाई में पिछड़ने से छोटी फसल की जड़ कमजोर रहती हैं। इससे पौधे नीचे गिर जाता है। वहीं कई किसान लगातार बारिश के कारण खेतों के जलमग्न होने से पानी की निकासी को लेकर काफी जहमत उठानी पड़ रही है।
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दस हजार हेक्टेयर में रहता जलभराव का खतरा
जिले में तीन लाख नौ हजार हेक्टेयर में खरीफ फसल की बुवाई हो रही है। इसमें सबसे अधिक दलहनी फसलें बोई जाती हैं। इनमें अधिक व लगातार बारिश होने से लगभग दस हजार हेक्टेयर की फसल में जलभराव का खतरा रहता है। इनमें तालाब, पोखर, नाले व अन्य गहराई वाले खेेतों में जलभराव होने से फसल खराब होने का खतरा रहता है।
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बीती रात से लगातार बारिश हो रही है। इससे छोटी व कमजोर फसल को अधिक नुकसान है। खेतों में जलभराव होने से पूरी तरह नष्ट हो जाएगी।
- कैलाश सुड़ेले
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पहले बारिश न होने से परेशान थे, अब फसलों में अधिक बारिश नुकसान होने का खतरा है। जल भराव हो रहे खेतों खड़ी फसल पर संकट है।
- ईश्वरी प्रसाद
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लगातार हो रही बारिश से जलभराव वाले खेतों में खड़ी खरीफ फसल प्रभावित हो सकती है। किसानों को अपने खेतों से पानी निकालने के लिए व्यवस्था कर लें, जलभराव से बीज व छोटे पौधे खराब हो सकते हैं।
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राजीव कुमार, जिला कृषि अधिकारी
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