ललितपुर/सिलावन। देश में आम जनता पर महंगाई की मार लगातार पड़ रही हैं। रसोई गैस के दाम बढ़ने से गृहिणियां नाराज हैं। कई महिलाएं गैस सिलिंडर नहीं भरवा पा रही हैं, उन्होंने चूल्हे पर खाना बनाना शुरू कर दिया है।
महिलाओं का कहना हैं कि गैस के लगातार दाम बढ़ने से बजट गड़बड़ा गया है। लगातार बढ़ रही महंगाई व रसोई गैस के दामों से मध्यम वर्ग व गरीबों का घरेलू बजट बिगड़ गया हैं। महंगाई की मार से लोग सिलिंडर नहीं भरवा पा रहे हैं।
गरीब परिवारों सहित जिन परिवारों की महिलाओं के नाम पर रसोई गैस नहीं थी उन्हें मुफ्त सिलिंडर व चूल्हा तो दे दिया गया लेकिन गैस के दाम बढ़ने से लाभार्थी सिलिंडर नहीं करवा पा रहे हैं। काफी परिवारों ने महंगाई के कारण गैस के चूल्हे के स्थान पर लकड़ी का चूल्हा जलाना शुरू कर दिया। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में धुआं मुक्त रसोई सपना बनकर रह गई है।
गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने से घर का बजट बिगड़ गया है। सरकार को गैस सिलिंडर के दाम कम करने चाहिए। इतनी महंगाई में घर का खर्च कैसे चलेगा। कोरोना काल में बढ़ी महंगाई से वैसी ही परेशानी बढ़ गई है।
तारा देवी
दिन प्रतिदिन गैस कीमतों में हो रही वृद्धि आमजन पर भारी पड़ रही है। इस समय गैस सिलिंडर 940 रुपये में मिल रहा हैं उस पर भी सब्सिडी नाममात्र को मिल रही है। घर चलाना भी मुश्किल हो रहा है।
विद्या देवी
--------
जिस रसोई गैस सिलिंडर की कीमत 350-400 रुपये होती थी अब वह 900 रुपये से अधिक कीमत पर मिल रहा हैं। राशन तो मंहगा है ही, अब उसे पकाना भी आसान नहीं रहा।
अनीता
----------
खाद्य पदार्थों के दाम तो पहले से ही बढ़े थे अब रसोई गैस के लगातार बढ़ रहे दामों ने घरेलू बजट बिगाड़ दिया है। सरकार को मध्यमवर्ग की ओर भी ध्यान देते हुए रसोई गैस सिलिंडर के दाम कम करना चाहिए।
शहनाज
---------
पहले सिलिंडर के दाम से लेकर रसोई का हर सामान सस्ता था लेकिन आज घी-तेल से लेकर दालें, मसाले व अन्य सामानों के दाम आसमान छू रहे हैं। सरकार को महंगाई पर काबू करने के लिए ठोस रणनीत बनानी चाहिए।
दीपिका