ललितपुर। कुदरत के कहर से इस साल खरीफ की फसलों को 59 फीसदी नुकसान हुआ है। कृषि विभाग किसानों के खेतों की क्राप कटिंग कराकर नुकसान का आंकलन करा रहा है जिससे प्रति किसान को नुकसान की भरपाई कराई जा सके। इस संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजने की बात कही जा रही है।
जनपद में खरीफ फसलों की बुवाई के लिए वर्ष 2021 में 3.09 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसल की बुवाई का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन बुवाई सीजन शुरू होने पर समय पर बारिश न होने से कुछ किसान बुवाई करने से वंचित हो गए। कइयों ने हल्की बारिश होने पर ही बुवाई कर दी। इससे बुवाई लगभग दो लाख 31 हजार से अधिक हेक्टेयर में बुवाई हुई है और लक्ष्य के सापेक्ष 75 प्रतिशत ही बुवाई हो पाई थी। किसान बुवाई के बाद फसलों को कीट व खरपतवार से बचाने के लिए रसायनिक दवाइयों का प्रयोग किया। फसलें अच्छी हो गईं। किसानों को पैदावार की भी उम्मीद बढ़ गई लेकिन अगस्त की शुरुआत में हुई लगातार बारिश से फसलें प्रभावित हो गईं। उड़द, सोयाबीन व मूंग और तिल को भी नुकसान हुई जिसके बाद कुछ फसलें बच पाई, तो 15 दिन बाद हुई बारिश ने पूरी तरह से बर्बाद कर दिया।
किसान संगठनों व किसानों की मांग पर जिला प्रशासन ने बारिश से नष्ट फसलों की सर्वे के लिए 48 टीमों का गठन किया। टीमों ने गांव-गांव पहुंच कर फसलों का सर्वे किया जिसमें पाया कि फसलों केे अधिक नुकसान पहुंचा है। तहसील तालबेहट, पाली और सदर तहसील में फसलें अधिक प्रभावित हुईं हैं। टीमों ने अपनी रिपोर्ट में 59 प्रतिशत फसलों को नुकसान माना है। अब सर्वे रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। राज्यांश व केंद्रांश मिलने के बाद किसानों को क्लेम राशि का भुगतान किया जाएगा।
तीन सदस्यीय टीमों ने किया नष्ट फसल का सर्वे
बीते माहों में हुई बारिश से खरीफ की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई थी, जिसकी सर्वे के लिए जनपद में तीन सदस्यीय टीमों का गठन किया गया था। इनमें राजस्व विभाग, कृषि विभाग और फसल बीमा कंपनी के प्रतिनिधि रहे। जिले में 48 टीमों द्वारा नष्ट फसलों का सर्वे किया गया।
बारिश से नष्ट हुई फसलों के नुकसान का सर्वे टीमों द्वारा कराया गया, जिसमें 59 प्रतिशत का नुकसान पाया गया है। अब फसलों की क्रॉप कटिंग चल रही है। इसके बाद किसानों को बीमा क्लेम व सहायता राशि का भुगतान किया जाएगा।
अनिल कुमार मिश्रा, अपर जिलाधिकारी