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कोरोना महामारी में अनाथ हुए बच्चों का भविष्य संवारेगी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना

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ललितपुर। कोरोना महामारी के चलते अनाथ बच्चों की मदद कर उनका भविष्य मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के माध्यम से सुरक्षित किया जाएगा। इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने योजना के नियम व शर्तें बताई, जो शासन द्वारा निर्धारित की गई हैं।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव हरीश कुमार ने बताया कि कोरोना महामारी के बीच अनाथ हुए बच्चों के भविष्य की सुरक्षा और उनकी देखभाल के लिए मुख्यमंत्री की ओर से शुरू की गई। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के नियम और शर्तें अब तय कर दी गई हैं और यह आदेश जारी किया गया है कि 0 से 18 वर्ष की उम्र तक के ऐसे सभी बच्चे जिनके माता और पिता दोनों की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से महामारी के दौरान हो गई हो या जिनके माता या पिता में से एक की मृत्यु 01 मार्च 2020 से पूर्व हो गयी थी एवं दूसरे की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से महामारी के दौरान हो गई हो या जिनके माता व पिता दोनों की मृत्यु 01 मार्च 2020 से पूर्व हो गयी थी और उनके वैध संरक्षक की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से महामारी के दौरान हो गई हो, को इस योजना के तहत लाभ पहुंचाया जाएगा।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत 10 साल तक के बच्चों के वैध संरक्षक के खाते में चार हजार रुपये प्रति माह ट्रांसफर किए जाएंगे। दोनों अभिभावकों की मौत होने वाले बच्चों को बाल देखभाल संस्थाओं में रखा जाएगा और इन्हीं में कक्षा 6 से 12 तक के बच्चों के लिए अटल आवासीय या केजीबीवी में प्रवेश दिलाया जाएगा, जहां 11 से 18 साल तक के बच्चों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। महामारी के बीच अनाथ हुए बच्चों की देखभाल के लिए शुरू की गई सेवा का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी दस्तावजों को भी अनिवार्य किया गया है। जिसमें बच्चे और अभिभावक की नवीनतम फोटो सहित पूर्ण आवेदन, माता पिता दोनों की जैसी स्थिति हो, उनका मृत्यु प्रमाण पत्र, कोरोना से हुई मृत्यु का साक्ष्य, आय प्रमाण पत्र (यदि माता-पिता दोनों की मृत्यु हुई है तो जरूरी नहीं है), बच्चे का आयु प्रमाण पत्र, शिक्षण संस्थान में पंजीयन का प्रमाण, उत्तर प्रदेश में निवासी होने का घोषणा पत्र आदि को शामिल किया गया है।
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जिन अनाथ बच्चों में बालिकाएं शामिल है उनकी शादी के लिए राज्य सरकार द्वारा 1.1000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। ऐसे बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए टेबलेट या लैपटॉप की सुविधा भी इस योजना के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाएगी। यही बच्चे कल का भविष्य है इसीलिए उनकी उन्नति के लिए सभी प्रकार की सुख सुविधाएं उपलब्ध करवाए जाएंगी। जनपद ललितपुर में ऐसे प्रकरण जिनके माता-पिता की कोरोना से मृत्यु हो गयी हो और उनके बच्चें अनाथ हो गए, उनके अभिभावक ऑफलाइन आवेदन ग्रामीण क्षेत्र में खंड विकास अधिकारी एवं शहरीय क्षेत्र में जिला प्रोवेशन कार्यालय में जाकर प्रस्तुत कर सकते हैं एवं कानूनी सहायता हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ललितपुर के कार्यालय में पहुंचकर सहायता ले सकते हैं।
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