ललितपुर। शहर में राजघाट रोड स्थित मोहल्ला पिसनारी में आठ माह से बिजली के चार खंभे टूटे पड़े हैं। राजघाट के मुख्य मार्ग में लगा खंभा टूटने से कनेक्शन भी कट गया है। अब तार घरों की दीवार, छत और लकड़ी के सहारे लटके हुए हैं। जहां से लोग वाहनों में अपना सामान रखकर तक नहीं ले जा पा रहे हैं। लगातार करंट लगने के भय में जीवन बिताने के लिए मजबूर हैं। लोगों ने बिजली के लिए पीछे से निकली लाइन से कनेक्शन तो जुड़वा लिया, लेकिन पोल नहीं होने से सड़क की ओर रास्ते में तार खुले लटक रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अनदेखी कर रहे हैं।
नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर 13 घुसयाना के राजघाट रोड स्थित पिसनारी की गली में पोल लगाकर बंच केबल डाली गई थी। इस केेबल का कनेक्शन राजघाट मुख्य मार्ग से निकली लाइन में खंभा लगाकर किया गया था। इससे मोहल्लावासियों को सुविधा अनुसार बिजली के कनेक्शन मिल गए थे।
लेकिन बीते आठ महीने पहले बिजली के चार पोल किसी वाहन की टक्कर से टूट गए। इनमें मुख्य मार्ग पर कनेक्शन के लिए लगा खंभा भी शामिल था। अब मुख्य मार्ग से निकली बंच केबल झूल रही है। वहीं गली में भी तीन पोल टूटने से बंच केबल का कनेक्शन तो टूट गया है। अब केबल प्लॉट की दीवार तो कहीं पर लोगों के मकान पर लटक रही है। यही नहीं गली में कुछ स्थानों पर तो लकड़ी की सहारे लटकी हुई है। केबल अधिक नीची होने से लोग सिर पर सामान लेकर निकलना मुश्किल हो रहा है। कई जगह पर तो केबल छत से निकलने के चलते लोगों को करंट लगने और गिरने का भय बना हुआ है। आठ महीने बाद भी न तो पोल लगे और न ही विभाग ने बंच केबल की व्यवस्था की।
बिजली की केबल आठ माह से छत और दीवार पर लटक रही है। सूचना के बाद भी अब तक पोल नहीं लगाए जा रहे हैं।
- राकेश
पोल टूटने के बाद तार मकान के सामने रास्ते में लटक रहे हैं। ऐसे में निकासी में परेशानी होती है। तारों के लिए पोल लगवाए जाएं।
- मुस्कान
मकान में दरवाजे पर ही केबल लटक रही थी, जिसे अस्थाई तौर पर छज्जे से बांध दिया था। आठ माह बाद भी पोल नहीं लगाए गए हैं।
- अमरेंद्र सिंह
पोल टूटने से गिरी केबल से घर में बिजली जलाने के लिए अधिक दूरी से डाली है। पोल लगवाए जाएं, जिससे पास से ही बिजली मिल सके।
- प्रदुम्न
आठ महीने पहले बिजली के पोल टूट गए थे। पोल लगवाने के लिए विभाग को सूचना दी, लेकिन अब पोल नहीं लगवाए गए।
-शिवकुमार साहू
बिजली विभाग को कई बार लिखित और मौखिक रुप से सूचना दी। जिस पर विभाग लगातार टाल रहा है। आठ महीने बाद भी पोल नहीं लगाए गए। इससे केबल रास्ते में और दीवारों पर लटक रही है।
- प्रकाश कुशवाहा, पूर्व सभासद