हाथ, आंख व चेहरा सुरक्षित रखकर छुटाएं पटाखे
ललितपुर। प्रकाश पर्व दीपावली की खुशी में अपने स्वास्थ्य का भी ख्याल रखें। आतिशबाजी करते समय अपने हाथ, आंख और चेहरा सुरक्षित रखें। सीमएओ का कहना है कि बच्चों को आतिशबाजी के दौरान निगरानी में रखें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जीपी शुक्ला ने बताया कि आतिशबाजी के दौरान विशेष सावधानी रखें। यदि जल जाएं तो सबसे पहले जले हुए हिस्से को बहते हुए पानी से साफ कर लें। तत्काल नजदीकी सरकारी या निजी अस्पताल में परामर्श लें। ध्यान रखें जले हुए भाग को ठंडे पानी या बर्फ से नहीं धोना है और जले हुए हिस्से पर टूथपेस्ट या हल्दी भी न लगानी है। आतिशबाजी का प्रदूषण आंख, नाक और गले के अलावा फेफड़ों को भी प्रभावित करता है। प्रदूषण से सांस और एलर्जी की समस्या होती है। बच्चों को पटाखों से दूर रखें। यदि आतिशबाजी करना ही है, तो अपनी ही देखरेख में ही पटाखे जलाएं।
इस तरह करें आतिशबाजी
- पंजीकृत दुकान से पटाखे लें और आतिशबाजी के समय बच्चों पर निगरानी रखें।
- आतिशबाजी स्थल पर एक बाल्टी पानी और प्राथमिक उपचार किट साथ में रखें।
- एक समय में एक व्यक्ति और एक पटाखा ही जलाएं।
- जले पटाखों को न छुएं दोबारा फटने का रहता खतरा
- झोपड़ी के आसपास और बंद कमरे में न जलाएं पटाखा
- राकेट व हवा में उड़ने वाले पटाखा सीधा कर जलाएं।
- हो सके तो जीरो पावर वाला चश्मा लगाकर आतिशबाजी करें।
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सैनिटाइज दूर रखें
आतिशबाजी से पहले साबुन से हाथ धोएं। आतिशबाजी करने से पहले पटाखों और अपने हाथ को सैनिटाइज न करें। सैनिटाइजर एक ज्वलनशील सामग्री है। इससे आग लगने का खतरा रहता है।
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कोविड प्रोटोकाल न भूलें
त्योहार में कोविड प्रोटोकाल का पालन करना न भूलें। मास्क लगाकर ही बाजार जाएं और कम भीड़ वाली दुकान पर ही खरीदारी करें। बाजार से लौट कर जूते, चप्पल बाहर ही उतार दें। बाजार से लाए गए सामान को सैनिटाइज करें और अच्छी तरह से साबुन, पानी से हाथ धुलने के बाद ही घर के किसी सामान को हाथ लगाएं।