ललितपुर। शासन के कड़े निर्देश के बाद भी नगर में स्वच्छता अभियान पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आलम यह है कि कहीं जलभराव तो कहीं पर नालियों अवरुद्ध होने के कारण मच्छरों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। इसके चलते अब तक सात लोग मलेरिया की चपेट में आ चुके हैं। नगर पालिका के कर्मचारियों का दावा है कि फागिंग की जा रही है, लेकिन नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश भारती को नहीं मालूम कि किस इलाके में फागिंग हो रही है। मच्छर जनित व संक्रामक बीमारियों की रोकथाम को लेकर लगातार तमाम प्रकार के अभियान चलाए जा रहे हैं। इनमें बीते माह घर-घर बुखार व अन्य बीमारियों के मरीजों की खोज की गई है, साथ ही बीमारियों से बचाव के लिए आशा, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा भी जागरूक किया गया। साथ ही आबादी के क्षेत्रों में साफ-सफाई कराई गई। बारिश के मौसम में घरों के आसपास के जलभराव को पानी की निकासी कराई जाने के निर्देश दिए गए।
मलेरिया सीजन की शुरुआत होते ही स्वास्थ्य महकमा अलर्ट बना हुआ है। जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी व पीएचसी पर आने वाले बुखार के मरीजों में मलेरिया के लक्षण पाए जाने पर जांच शुरू कर दी गई है। जांच टीमों के द्वारा जनवरी माह से छह अक्तूबर तक 27419 मरीजों की मलेरिया जांच की गई। जांच के दौरान अब तक सात व्यक्तियों में मलेरिया पाया गया है। राहत यह रही कि पॉजिटिव मरीजों में सभी मरीज सामान्य मलेरिया (प्लाज्मोडियम वाइवैक्स) के पाए गए हैं। इनमें अब तक सभी मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। इससे स्वास्थ्य महकमा में राहत बनी हुई है।
जनपद में जिला अस्पताल समेत सभी अस्पतालों में आने वाले बुखार के मरीजों में मलेरिया के लक्षण मिलने पर किट से जांच की जा रही है। जांच में अब तक सात मलेरिया रोगी पाए गए हैं, जो अब पूरी तरह से स्वस्थ हो गए हैं।
- के. एस सिंह यादव, जिला मलेरिया अधिकारी