शहजाद नदी के पुल का चौड़ीकरण कर घाटों का निर्माण कराया जाए
ललितपुर। शहर के मध्य से निकली शहजाद नदी की दुर्दशा और संकरे पुल से हो रही परेशानी को लेकर बुंदेलखंड विकास सेना ने धरना-प्रदर्शन कर आवाजाही की सुविधा और जाम से निजात के लिए पुल का चौड़ीकरण कराने और नदी में घाटों का निर्माण कराने की मांग की।
रविवार को स्थानीय कंपनीबाग में आयोजित धरना प्रदर्शन में सेना प्रमुख हरीश कपूर टीटू ने कहा शहजाद नदी शहर के मध्य से निकली है, इसके संकरे पुल से आएदिन जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की आवाजाही बनी रहती हैं। नदी के संकरे पुल से कई बार वाहनों की लंबी कतारें लग जातीं हैं। ऐसे में निकलने में आधा घंटे तक का समय बर्बाद हो जाता है। इसके साथ ही नदी की दुर्दशा व अनदेखी के चलते गंदगी से बजबजा रही है। सफाई न होने से गंदगी व ठहरे पानी से दुर्गंध उठ रही है। स्थिति यह है कि वाहनों से निकलने पर भी गंदी बदबू दिल को झकझोर देती है। देश के प्रधानमंत्री खुले में शौच के खिलाफ मुहिम चला रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भी शहजाद नदी में भारी संख्या में लोग खुले में शौच कर नदी के पानी और वातावरण को दूषित कर रहे हैं। इसके अलावा हर साल शहजाद नदी में जलकुंभी जम जाती है।
उन्होंने मांग की है कि नदी में खुली शहर की नालियों व सीवर को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए जिससे नदी को दूषित होने से बचाया जा सके। साथ ही नदी के आसपास का सौंदर्यीकरण कर छायादार पेड़ लगाए जाएं। नदी के घाट का निर्माण कराया जाए। घाटों पर पहुंचने के लिए प्रकाश की व्यवस्था की जाए। अंग्रेजों के जमाने के बने पुल को ऊंचा कर रोड का चौड़ीकरण किया जाए, जिससे प्रत्येक वर्ष बारिश में आने वाली बाढ़ से होने वाली समस्याओं से बचा जा सके। इस दौरान सेना के कार्यकर्ताओं नारेबाजी कर समस्याओं का निराकरण कराने की मांग की। इस दौरान सुधेश नायक, हेमंत, राजकुमार कुशवाहा, हनुमत हलवाई, अमर सिंह बुंदेला, प्रदीप गोस्वामी, कदीर खान, नंदराम कुशवाहा, नीलू सेन, खुशाल बरार, मुन्ना त्यागी, गौरव विश्वकर्मा, जगदीश झा, रामेश्वर कुशवाहा, जगदीश कुशवाहा, अमित जैन, कैलाश मुंशी, राजेश सेन, राजू कुशवाहा, रवींद्र, बबलू, कामता भट्ट, बृजेश, रोहित पटेल, प्रदीप प्रजापति, गोलू वाल्मीकि आदि मौजूद रहे।