मड़ावरा। आदिशक्ति स्वरूपा श्री 1008 अबारमाता मंदिर में रविवार को श्रद्धालुओं ने 15 किलोमीटर लंबी चुनरी यात्रा निकालते हुए अबार माता मंदिर पर ढाई सौ फीट लंबी चुनरी भेंट की।
जनपद में गिरार थाना क्षेत्र की सीमा से सटे मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले की बड़ा-मलहरा ब्लॉक में धसान नदी के नजदीक स्थित प्राचीन अबार माता मंदिर भक्तों की मनोकामना पूर्ति के लिए काफी विख्यात है। रविवार को श्रद्धालुओं ने 15 किलोमीटर लंबी चुनरी यात्रा निकालते हुए अबार माता मंदिर पर ढाई सौ फीट लंबी चुनरी भेंट की। इस आयोजन में शामिल अंकित बुंदेला ने बताया कि प्रत्येक वर्ष शारदीय नवरात्र की पंचमी तिथि के दिन बरायठा से मत्या, फतकी, जासौड़ा, किशनपुरा, निबुआखेड़ा समेत दर्जन भर गांव के सैकड़ों ग्रामीणों द्वारा लगभग 15 किमी पैदल यात्रा कर भक्तिभाव से ढोल-नगाड़ों के साथ माता की चुनरी और धर्म ध्वजा चढ़ाई गई।
श्री देव जानकी रमण शाला मंदिर बरायठा से सुबह सात बजे प्रारंभ हुई संकीर्तन चुनरी यात्रा शुभारंभ हुआ। भव्य चुनरी यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ा, अबार माता के भक्तों का जत्था उसमें जुड़ता गया। गांव-गांव में पवित्र चुनरी यात्रा का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया ग्रामीणों द्वारा यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के चाय-पानी की व्यवस्था की गई।
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श्रद्धापूर्वक मांगी मन्नत होती है पूरी
मड़ावरा। अबार माता मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित रामेश्वर दुबे ने बताया कि यहां ऐसे भक्तों का तांता लगा रहता है जिनको संतान प्राप्ति एवं पुत्र-पुत्री के वैवाहिक संबंध की कामना होती है, मातारानी से श्रद्धापूर्वक मांगी गई मन्नत अवश्य पूरी होती है। उन्होंने बताया कि बुंदेली वीर आल्हा-ऊदल के द्वारा उनके राज्य में सुख-समृद्धि की कामना के लिए प्राचीन मंदिर में देवी की उपासना एवं धर्मध्वजा चढ़ाई जाती थी। कालांतर में लोगों द्वारा भी मंदिर के प्रति श्रद्धा बढ़ती गई और वर्तमान में मंदिर के वार्षिक मेले एवं नवरात्रों में ललितपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर जिले से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए अबार माता मंदिर पहुंचते हैं।
चुनरी यात्रा में शामिल श्रद्धालु- फोटो : LALITPUR