अब एबीआरसी नहीं कर पाएंगे बाबूगीरी
बाबूगिरी छोड़कर एबीआरसी को विद्यालय जाकर करना होगा अनुश्रवण
बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को जारी किए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बेसिक शिक्षा विभाग के ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर तैनात सह-समन्वयकों को अब खंड शिक्षा अधिकारियों की बाबूगिरी खत्म करके अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों में जाकर शैक्षिक अनुश्रवण का काम करना होगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग में प्रत्येक ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर विषय विशेषज्ञ के तौर पर सह समन्वयकों (एबीआरसी) की तैनाती की गई है। इन विषय विशेषज्ञों की तैनाती का मुख्य उद्देश्य परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना था। यदि किसी विद्यालय के शिक्षक को किसी विषय को पढ़ाने में कोई समस्या हो रही है तो उस समस्या को दूर करने की जिम्मेदारी इनकी है। इसके साथ ही इनका मूल कार्य है कि यह अपने-अपने क्षेत्र के सभी विद्यालयों का मौके पर पहुंचकर शैक्षिक गुणवत्ता और शिक्षक के पढ़ाने का तरीका देखें और शिक्षकों को ऐसी तकनीक बताएं, जिससे बच्चों को आसानी से समझ आ सके। जनपद के नगर व समस्त छह ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर कुल 24 एबीआरसी तैनात हैं। इनमें से लगभग सभी एबीआरसी अपने क्षेत्र के विद्यालयों में जाकर शिक्षा गुणवत्ता और अनुश्रवण का कार्य छोड़कर ब्लॉक संसाधन कार्यालय में बाबूगिरी के सभी कार्य कर रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों का इन्हें पूरा संरक्षण भी प्राप्त होता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मायाराम ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि ब्लॉक संसाधन केंद्रों में तैनात सह-समन्वयकों से केवल शैक्षिक अनुश्रवण का ही कार्य कराया जाए। कार्यालय से संबंधित कार्य लेखाकार व कंप्यूटर ऑपरेटर से ही कराए जाएं।