ललितपुर। जनपद में अब तक 19 अपराधी मोस्ट वांटेड हैं। वहीं, 38 माफिया चिह्नित होने के बाद भी पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं की गई है। इसे लेकर पुलिस उपमहानिरीक्षक जोगेंदर सिंह ने मंगलवार को प्रभारी पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक की। जिसमें उन्होंने निर्देश दिए कि अपराधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाए।
जनपद में हो रहे अपराधों पर अंकुश लगाने और विधानसभा चुनाव 2022 को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए बुलाई गई इस बैठक में डीआईजी ने अपराधों की समीक्षा में पाया कि ललितपुर में लूट, हत्या और चोरी घटनाओं में आंशिक वृद्धि हुई है। जिस पर उन्होंने जनपद प्रभारी को अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए। उन्होंने महिला अपराध के संबंध में कहा कि तत्परता से कार्रवाई करते हुए दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार करें और विवेचनाओं का निस्तारण कराएं। महिला अपराधों से संबंधित जो प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन चल रहे हैं, उनकी सूची बनाकर प्रभावी पैरवी कराते हुए अधिक से अधिक सजा दिलाए जाने के निर्देश दिए। निरोधात्मक कार्रवाई के तहत कुछ बिंदुओं पर कार्रवाई संतोषजनक नहीं पाई गई, जिस पर उन्होंने इसके तहत रासुका, गैंगस्टर, गुंडा एक्ट के प्रकरण चिह्नित कर वरीयता के आधार पर कार्रवाई कर अवगत कराने को कहा।
उन्होंने पाया कि जनपद में 505 विवेचनाएं वर्तमान में लंबित चल रही हैं, जिस पर उन्होंने विवेचकों को हुए शीघ्र निस्तारण कराने के निर्देश दिए। बताया गया है कि ललितपुर में आठ पुरस्कार घोषित अपराधी गिरफ्तारी के लिए शेष हैं। इसके लिए कोई प्रयास नहीं किया जाना परिलक्षित होता है। इसके लिए टीमें बनाकर अपराधियों को गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही ललितपुर में दो हत्याओं का खुलासा करने के लिए जनपद प्रभारी को कड़े निर्देश दिए।
उन्होंने समीक्षा में पाया कि जनपद में 38 माफिया चिह्नित किए गए थे, लेकिन उनके खिलाफ प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई पुलिस द्वारा नहीं की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि चिह्नित माफियाओं के खिलाफ प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई कराएं और इनके द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति की नियमानुसार गैंगस्टर के तहत जब्त करने की कार्रवाई कराए जाने के निर्देश दिए।